अगले 6 महीने मिशन मोड में दौड़ेगी मोहन सरकार, हर जिले में होगी योजनाओं की जमीनी पड़ताल
मध्य प्रदेश सरकार ने अगले छह महीनों के लिए प्रशासनिक कामकाज को मिशन मोड में संचालित करने का फैसला किया है। सरकार का मुख्य फोकस गरीब कल्याण, जनहित की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आम जनता तक सरकारी सुविधाओं का समय पर लाभ पहुंचाने पर रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं इसकी निगरानी करेंगे, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और शासन व्यवस्था अधिक जवाबदेह बन सके।
छिंदवाड़ा से होगी 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' की शुरुआत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज छिंदवाड़ा से 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' की शुरुआत करेंगे। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जमीनी स्तर पर समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि पात्र हितग्राहियों को सभी योजनाओं का लाभ समय पर मिले और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
कलेक्टर करेंगे नियमित फील्ड दौरे
अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर अगले छह महीनों तक नियमित रूप से फील्ड विजिट करेंगे। वे गांवों और शहरों में जाकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करेंगे, लोगों से सीधे संवाद करेंगे और मौके पर ही समस्याओं के समाधान का प्रयास करेंगे। इसका उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है।
रोजाना देनी होगी प्रगति रिपोर्ट
सरकार ने अधिकारियों के लिए सख्त मॉनिटरिंग व्यवस्था भी लागू की है। सभी संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन अपने कार्यों की प्रगति रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपनी होगी। वहीं मुख्यमंत्री के निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेंगे, जिससे हर विभाग की जवाबदेही तय हो सके।
जन शिकायतों के त्वरित समाधान पर रहेगा जोर
सरकार इस अभियान के माध्यम से जन शिकायतों के तेजी से निराकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर देगी। सरकार का लक्ष्य प्रशासन को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और परिणाम आधारित बनाना है, ताकि जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ बिना किसी देरी और परेशानी के मिल सके। यह अभियान सुशासन और जनविश्वास को मजबूत करने की दिशा में सरकार की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।