लाड़ली बहना समेत MP की बड़ी योजनाओं की होगी हाई लेवल समीक्षा,5 विभागों के बड़े अधिकारियों की कमेटी गठित
मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में संचालित प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी लाड़ली बहना योजना समेत अलग-अलग विभागों की महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा करेगी। समिति का उद्देश्य योजनाओं की प्रभावशीलता, प्रासंगिकता और जमीनी स्तर पर उनके क्रियान्वयन का आकलन करना है।
एक महीने में सरकार को सौंपनी होगी रिपोर्ट
सरकार की ओर से गठित यह कमेटी योजनाओं से जुड़े खर्च, हितग्राहियों को मिलने वाले लाभ और योजनाओं के वास्तविक असर की पड़ताल करेगी। समिति को अपनी विस्तृत रिपोर्ट एक महीने के भीतर शासन को सौंपनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर सरकार योजनाओं में बदलाव, सुधार या जरूरी नई व्यवस्था पर फैसला ले सकती है।
5 विभागों के वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल
उच्च स्तरीय समिति में वित्त विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और संबंधित योजनाओं से जुड़े विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी शामिल होंगे। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में योजनाओं की कार्यप्रणाली और खर्च का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा।
लाड़ली बहना से किसान योजनाओं तक फोकस
समीक्षा के दायरे में लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना और सक्षम आंगनवाड़ी योजना शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सहायता योजना और सिंचाई के लिए दी जाने वाली बिजली सब्सिडी की भी समीक्षा होगी।
स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं भी शामिल
समिति मुख्यमंत्री संबल योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन और अटल गृह ज्योति योजना की भी पड़ताल करेगी। इसके अलावा आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, समग्र शिक्षा अभियान और विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं को भी समीक्षा में शामिल किया गया है।
सरकार के खर्च और हितग्राहियों के लाभ पर नजर
इस समीक्षा का सबसे बड़ा उद्देश्य यह पता लगाना है कि सरकारी योजनाओं पर खर्च होने वाली राशि का सही उपयोग हो रहा है या नहीं और वास्तविक हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ कितनी आसानी से पहुंच रहा है। आने वाली रिपोर्ट के बाद कई योजनाओं की व्यवस्था में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।