सीएम डॉ. मोहन यादव आज सिवनी में 494 करोड़ की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात, किसानों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सिवनी जिले के दौरे पर रहेंगे, जहां वे प्रदेश स्तरीय धान महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होकर जिले को 494.16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 629 विकास कार्यों की सौगात देंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री 349.33 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे, जबकि 144.83 करोड़ रुपये की लागत वाले नए कार्यों का भूमिपूजन भी करेंगे।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण श्रीअन्न (मिलेट्स) को बढ़ावा देने की पहल रहेगी। मुख्यमंत्री सिंगल क्लिक के माध्यम से जिले के 3,941 कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों के बैंक खातों में कुल 2 करोड़ 82 लाख 99 हजार 300 रुपये की प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित करेंगे। राज्य सरकार किसानों को श्रीअन्न उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से 1,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है।
आधुनिक कृषि यंत्रों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी
कार्यक्रम स्थल पर कृषि, प्राकृतिक खेती, मिलेट्स, जीआई टैग उत्पाद, स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों तथा आधुनिक कृषि यंत्रों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
मुख्यमंत्री सड़क और पुल निर्माण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इनमें दौंदीवाड़ा-बरटोला-ओखाटोला-अमुरला मार्ग, बरबसपुर-सुनवारा-आमानाला वैनगंगा नदी सेतु तथा घोघराटोला-मंगलटोला हिर्री नदी सेतु शामिल हैं। साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नए पुल निर्माण कार्यों का शुभारंभ भी किया जाएगा।
विस्तार की भी शुरुआत की जाएगी
पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए बरघाट, केवलारी, सिवनी और लखनादौन की नल-जल योजनाओं का लोकार्पण होगा। वहीं सिहोरा, घंसौर, केदारपुर, लखनवाड़ा, बींझावाड़ा और तिघरा में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की भी शुरुआत की जाएगी।
ग्रामीण विकास को नई गति मिलने की उम्मीद
इसके अलावा शिक्षा, खेल और नगरीय विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं का भूमिपूजन होगा। इनमें सिवनी में बबरिया गार्डन स्विमिंग पूल, नवीन फायर स्टेशन, नगर पालिका कार्यालय भवन, लखनादौन मिनी स्टेडियम, 100-100 सीटर छात्रावास, कन्या शिक्षा परिसर, एप्रोच रोड तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के नए आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं से जिले के बुनियादी ढांचे और ग्रामीण विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।