कचरा गाड़ी में महिला का शव! MP के अस्पताल की लापरवाही पर बवाल
मध्य प्रदेश के छतरपुर से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा करने वाली तस्वीर सामने आई है। बड़ा मलहरा सिविल अस्पताल में एक महिला का शव कथित तौर पर एंबुलेंस या शव वाहन की जगह कचरा ढोने वाली नगर पालिका की गाड़ी से घर भेजा गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में आक्रोश है।
घंटों इंतजार के बाद मिली गाड़ी
जानकारी के मुताबिक, महिला के परिजन शव को घर ले जाने के लिए अस्पताल के बाहर कई घंटों तक एंबुलेंस या शव वाहन का इंतजार करते रहे। जब कोई व्यवस्था नहीं हुई तो परिवार को नगर पालिका की ट्रैक्टर-ट्रॉली उपलब्ध कराई गई, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर कचरा ढोने के लिए किया जाता है।
महिला कई दिनों से थी लापता
मृतका की पहचान रुखसाना खान के रूप में हुई है। बताया गया कि वह 4 जुलाई से लापता थीं। 5 अगस्त को सूरजपुर रोड के पास कचरे के ढेर से उनका शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंपा गया, लेकिन उसे घर तक ले जाने के लिए उचित वाहन नहीं मिल सका।
जांच के बाद कार्रवाई की सिफारिश
मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। कलेक्टर मृणाल मीणा के मुताबिक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और अनुविभागीय अधिकारी की जांच के बाद स्थानीय ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
शव वाहन था तो इस्तेमाल क्यों नहीं हुआ?
प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि अस्पताल में मॉर्चरी वैन या शव वाहन उपलब्ध था या नहीं। अगर वाहन उपलब्ध था तो उसका इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया और कचरा ढोने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली की व्यवस्था किसके निर्देश पर हुई, इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे बेहद शर्मनाक और असंवेदनशील बताया। उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर आम लोगों को शव ले जाने के लिए भी उचित वाहन नहीं मिल सकता, तो प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं का मॉडल आखिर क्या है?