15 साल का इंतजार खत्म: स्लीमनाबाद टनल तैयार, 1450 गांवों तक पहुंचेगा नर्मदा का पानी,मुख्यमंत्री कर सकते हैं निरीक्षण
मध्य प्रदेश की महत्वाकांक्षी बरगी व्यपवर्तन परियोजना ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। करीब 15 साल के लंबे इंतजार के बाद कटनी जिले की स्लीमनाबाद अंडरग्राउंड टनल में ब्रेक थ्रू हो गया है। टनल बोरिंग मशीन (TBM) ने अंतिम चट्टान को काटकर खुदाई का काम पूरा कर लिया है। इसके साथ ही नर्मदा के पानी को सोन बेसिन तक पहुंचाने की सबसे बड़ी तकनीकी बाधा खत्म हो गई है।
11.95 किलोमीटर लंबी सुरंग का काम पूरा
स्लीमनाबाद की यह अंडरग्राउंड टनल करीब 11.95 किलोमीटर लंबी है। अंतिम चरण में मिट्टी धंसने और सुरंग को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते काम कुछ समय के लिए रोका गया था। इंजीनियरों ने सावधानी बरतते हुए दोबारा काम शुरू किया और बुधवार को अंतिम हिस्से की खुदाई पूरी कर दोनों सिरों को सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया।
अब नर्मदा का पानी पहुंचेगा सोन बेसिन
टनल निर्माण पूरा होने के बाद अब TBM मशीन को वर्टिकल शाफ्ट के जरिए बाहर निकाला जाएगा। इसके बाद सुरंग में लाइनिंग, फिनिशिंग, विद्युत और अन्य तकनीकी कार्य पूरे किए जाएंगे। इन प्रक्रियाओं के बाद नर्मदा का पानी सोन बेसिन की ओर पहुंचना शुरू हो जाएगा।
6 जिलों के किसानों को मिलेगा फायदा
इस परियोजना से कटनी, मैहर, सतना, रीवा समेत छह जिलों के करीब 1450 गांवों को फायदा मिलेगा। लगभग 1.85 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे किसानों की बारिश पर निर्भरता कम होगी और खेती का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। अकेले कटनी जिले की 21,823 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई का लाभ मिलेगा।
कठिन परिस्थितियों में पूरी हुई इंजीनियरिंग चुनौती
बरगी व्यपवर्तन परियोजना को साल 2008 में मंजूरी मिली थी और 2011 में टनल निर्माण शुरू हुआ। शुरुआती लागत 799 करोड़ रुपए थी, जो भूगर्भीय चुनौतियों, कोरोना काल और बढ़ती निर्माण लागत के कारण बढ़कर करीब 1442 करोड़ रुपए हो गई। करीब 30 मीटर गहराई में जर्मनी की अत्याधुनिक TBM मशीन से यह सुरंग तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री कर सकते हैं निरीक्षण
टनल निर्माण पूरा होने की जानकारी शासन को भेज दी गई है। अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जल्द स्लीमनाबाद पहुंचकर परियोजना का निरीक्षण कर सकते हैं। इस उपलब्धि को प्रदेश की सिंचाई व्यवस्था के लिए बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।