लोकपाल - बीएमडब्ल्यू की खरीद पर किरण बेदी भी भड़कीं
लोकपाल - बीएमडब्ल्यू की खरीद पर किरण बेदी भी भड़कीं
पीएम का जोर स्वदेशी पर तो विदेशी कारें क्यों?
नई दिल्ली। लोकपाल की ओर से सात लग्जरी कार खरीदने के लिए जारी टेंडर को लेकर विवाद और गहराता जा रहा है। लोकपाल के लिए तय कुल 44.32 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट में से करीब 10 प्रतिशत से ज्यादा लगभग पांच करोड़ रुपये इन लग्जरी वाहनों पर खर्च होंगे। इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं। जन लोकपाल आंदोलन के दौरान सक्रिय रहीं पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सवाल किया कि क्या भारत में ऐसी कारें नहीं बनती हैं? उन्होंने स्वदेशी कार खरीद पर जोर देते हुए कहा कि ऐसा क्यों नहीं हो सकता? उन्होंने कहा कि यह एक पूरी तरह से टाला जा सकने वाला फैसला है क्योंकि लोकपाल का गठन फिजूलखर्ची के लिए नहीं किया गया था। साथ में यह भी महत्वपूर्ण है कि प्रधानमंत्री का जोर स्वदेशी पर है। ऐसे में लोकपाल विदेशी कारें क्यों खरीद रहा है? किरण वेदी ने सवाल किया कि क्या हमारे पास अच्छी भारतीय कारें नहीं हैं? यह निर्णय पीएम मोदी के स्वदेशी मिशन के खिलाफ है।'
लोकपाल के बजट का बड़ा हिस्सा बीएमडब्लू पर ही खर्च हो जाएगा
प्रत्येक कार की अनुमानित कीमत लगभग 70 लाख रुपये पड़ेगी। इस प्रकार सभी सातों कारों की कीमत पांच करोड़ के करीब होगी। यह लोकपाल के वार्षिक खर्च का एक बड़ा हिस्सा होगा। दस्तावेजों के मुताबिक, 2023-24 में लोकपाल ने मोटर वाहन सेगमेंट में 12 लाख रुपये का बजट रखा था। लेकिन उस साल एक भी रुपया इस पर खर्च नहीं हुआ। इससे पहले के वर्षों में भी इस श्रेणी में कोई खर्च नहीं दिखाया गया था।