जबलपुर की अदालत ने सलीम रहमान के बेटे को काटने वाल

पालतू कुत्ते के काटने पर मालिक को सजा, 6 साल बाद आया फैसला; कोर्ट उठने तक कारावास और 1,000 रुपये जुर्माना

मध्य प्रदेश के जबलपुर में पालतू कुत्ते के काटने के एक मामले में न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए कुत्ते के मालिक को दोषी ठहराया है। करीब छह साल तक चली सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) दीप्ती चौहान की अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 289 के तहत दोषी मानते हुए कोर्ट उठने तक के साधारण कारावास और 1,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

जिससे वह घायल हो गया

अभियोजन के अनुसार, घटना 27 अक्टूबर 2020 की है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित कौशल्या अपार्टमेंट के पास रहने वाले सलीम रहमान अपनी पंचर मोटरसाइकिल को पैदल मरम्मत के लिए ले जा रहे थे। उनके पीछे उनका 8 वर्षीय बेटा अतौर रहीम रहमान दौड़ रहा था। इसी दौरान पड़ोसी गैविन डिसूजा के पालतू कुत्ते ने बच्चे पर हमला कर उसे काट लिया, जिससे वह घायल हो गया।

मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई

घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पीड़ित परिवार का आरोप था कि जब उन्होंने बच्चे के इलाज और कुत्ते को सुरक्षित बांधकर रखने की बात कही तो आरोपी ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद सलीम रहमान ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 289 (जानवर को लापरवाही से खुला छोड़ना), धारा 294 (अश्लील गाली-गलौज) और धारा 506 (भाग-बी) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया।

एसडीओपी रवि कुमार मौर्य ने प्रभावी पैरवी की

सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। न्यायालय ने पाया कि धारा 294 और धारा 506 (भाग-बी) के आरोप पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में सिद्ध नहीं हुए, इसलिए आरोपी को इन धाराओं से बरी कर दिया गया। हालांकि, पालतू कुत्ते को नियंत्रित रखने में लापरवाही बरतने के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए धारा 289 के तहत सजा सुनाई गई। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से एसडीओपी रवि कुमार मौर्य ने प्रभावी पैरवी की।