जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकी हमले में छत्तीसगढ

कुलगाम आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के मजदूर की मौत, CM साय ने जताया शोक

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले ने छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर रहे 21 वर्षीय दीपक रात्रे की आतंकियों की गोलीबारी में मौत हो गई। जैसे ही यह खबर उनके पैतृक गांव बुंदेली और ननिहाल हरदीडीह पहुंची, पूरे इलाके में मातम छा गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।

रोजी-रोटी की तलाश में गए थे कश्मीर, आतंकियों ने छीन ली जिंदगी

जानकारी के अनुसार, दीपक रात्रे सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत बुंदेली के निवासी थे। करीब एक साल पहले वह अपने पिता उमाशंकर रात्रे और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मजदूरी के लिए जम्मू-कश्मीर गए थे। वहां वे एक ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे थे। दीपक के साथ उनकी पत्नी और भाई भी वहीं मजदूरी कर रहे थे।

पत्नी और मासूम बच्चे को छोड़ गए दीपक

दीपक ने बचपन की पढ़ाई अपने मामा के गांव हरदीडीह में रहकर पूरी की थी। उनकी शादी भी इसी गांव में हुई थी। अब उनके निधन के बाद पत्नी और छोटे बच्चे के सामने जीवन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। गांव में हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि आखिर मेहनत-मजदूरी करने गए एक युवक को आतंकियों ने क्यों निशाना बनाया।

CM विष्णुदेव साय ने जताया गहरा दुख

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुलगाम आतंकी हमले पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के एक श्रमिक की मौत और दूसरे के घायल होने की खबर बेहद दुखद और पीड़ादायक है।मुख्यमंत्री ने बताया कि घायल श्रमिक का स्थानीय अस्पताल में इलाज जारी है और राज्य सरकार लगातार अधिकारियों के संपर्क में है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ सरकार पीड़ित परिवारों के साथ हर कदम पर खड़ी है।

पार्थिव शरीर का इंतजार

दीपक रात्रे की मौत की खबर से बुंदेली और हरदीडीह गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए दिवंगत युवक को श्रद्धांजलि दी। अब परिजन उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि अंतिम विदाई दी जा सके।