मानसून के चलते बंद हुई केदारनाथ हेली सेवा 15 सितंब

केदारनाथ हेली सेवा 15 सितंबर से फिर शुरू, 8 कंपनियां तैयार; चारधाम चार्टर्ड सेवा पर कल फैसला

केदारनाथ हेली सेवा जल्द बहाल

चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत की खबर है। मानसून के चलते करीब ढाई महीने से बंद केदारनाथ हेली सेवा को 15 सितंबर से दोबारा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने सेवा बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

14 अगस्त को होगी अहम बैठक

केदारनाथ हेली सेवा के संचालन को लेकर 14 अगस्त को नई दिल्ली में बैठक होगी। इसमें डीजीसीए, हेली ऑपरेटरों और मौसम विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में मौसम की स्थिति, हेलिपैड की स्थिति और उड़ान सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद सेवा शुरू करने की अंतिम अनुमति पर फैसला होगा।

कपाट खुलने के साथ शुरू हुई थी सेवा

इस साल 22 अप्रैल को बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने के साथ ही हेली सेवा शुरू की गई थी। पैदल मार्ग से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की तुलना में हेली सेवा के जरिए कम समय में केदारनाथ धाम पहुंचना संभव होता है। यही वजह है कि यात्रा सीजन में इस सेवा की मांग काफी अधिक रहती है।

तीन स्थानों से होती है उड़ान

केदारनाथ के लिए हेली सेवा गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी के हेलिपैड से संचालित होती है। इस साल इन तीनों स्थानों से आठ एविएशन कंपनियां सेवाएं दे रही थीं। यात्रा के दौरान इन हेलिपैड पर यात्रियों की आवाजाही और बुकिंग का दबाव भी काफी बढ़ जाता है।

25 जून के बाद बंद हुई थी सेवा

केदारनाथ क्षेत्र में मानसून के दौरान मौसम तेजी से बदलता है। बारिश, बादल, कम दृश्यता और पहाड़ी इलाकों में मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए डीजीसीए ने 25 जून तक हेली सेवा के संचालन की अनुमति दी थी। इसके बाद सुरक्षा कारणों से उड़ानें स्थगित कर दी गई थीं।

चारधाम चार्टर्ड सेवा भी हो सकती है शुरू

केदारनाथ हेली सेवा के साथ चारधाम चार्टर्ड सेवा को भी दोबारा शुरू करने की तैयारी है। इसके जरिए श्रद्धालु हवाई मार्ग से चारधाम यात्रा पूरी कर सकेंगे। हालांकि, दोनों सेवाओं को लेकर अंतिम फैसला 14 अगस्त की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा। चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में सितंबर के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में हेली सेवा बहाल होने से केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को एक अतिरिक्त विकल्प मिल जाएगा। हालांकि, उड़ानों की संख्या और प्रतिदिन यात्रियों को ले जाने की क्षमता का निर्धारण संबंधित बैठक के बाद किया जाएगा।