छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर क

कबीर की सीख और विकास की योजनाओं के बीच मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ को दी नई दिशा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोमवार को रायपुर के सोनपैरी स्थित असंग देव कबीर आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने कबीर जयंती महोत्सव में भाग लिया। इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने आश्रम परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

जिले का नाम बदलकर कबीरधाम रखा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि संत कबीर के विचार आज भी समाज को सत्य, समानता और मानवता का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि उनका बचपन कबीरपंथ के वातावरण में बीता है और संत कबीर की शिक्षाओं का उनकी वाणी और जीवन पर गहरा प्रभाव रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर कबीर साहब का विशेष आशीर्वाद है और प्रदेश में बड़ी संख्या में कबीरपंथ के अनुयायी निवास करते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में कवर्धा जिले का नाम बदलकर कबीरधाम रखा गया था।

प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण हो रहा

मुख्यमंत्री साय ने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 27 लाख लोगों को लाभ मिला है, जबकि उनकी सरकार के कार्यकाल में 18 लाख नए आवास स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण हो रहा है।

सांस्कृतिक विरासत को भी सशक्त बना रही

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर रही है और तीन हजार से अधिक आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जा रही है तथा विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और रामलला अयोध्या दर्शन योजना के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को भी सशक्त बना रही है।