झारखंड में भर्ती परीक्षाओं के विवादों के बीच छात्र

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं पर घमासान, CM सोरेन बोले- लखनऊ की TDPL कंपनी की कराएंगे जांच

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं पर घमासान, CM सोरेन बोले- लखनऊ की TDPL कंपनी की कराएंगे जांच

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन अब सियासी टकराव में बदलता जा रहा है। मंगलवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परीक्षा में कथित गड़बड़ियों पर सरकार का पक्ष रखा और कहा कि JPSC से लेकर CGL तक जिन परीक्षाओं को लेकर सवाल उठे हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि लखनऊ की एक कंपनी ने उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ लोगों के साथ मिलकर झारखंड में परीक्षाओं में गड़बड़ी की। हालांकि, इन आरोपों की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।

झारखण्ड सीएम हेमंत सोरेन

छात्रों की ज्यादातर मांगें मानने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा इस मामले में स्पष्ट है और परीक्षा सुधार को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों की अधिकांश मांगें मान ली गई हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बाकी मांगों पर भी विचार किया जाएगा और भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था में जरूरी सुधार किए जाएंगे।

सोरेन ने बताया कि जिस लखनऊ स्थित TDPL कंपनी के जरिए झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित कराई गई थीं, उसके द्वारा कराई गई सभी परीक्षाओं की जांच होगी। इसके अलावा सरकार परीक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए IIT के विशेषज्ञों से भी सलाह लेने की तैयारी में है।

25 जुलाई से आंदोलन, विधानसभा मार्च के दौरान झड़प

भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र 25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, JPSC और JSSC के कामकाज में सुधार, गड़बड़ी वाली परीक्षाओं को रद्द करना और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच शामिल है। छात्र CBI जांच या झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जजों की समिति से जांच की मांग भी कर रहे हैं।

झारखण्ड में हो रहे प्रदर्शन की एक झलक

सोमवार को हजारों प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर मार्च करते हुए पहुंचे थे। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव हुआ। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। कई छात्रों ने कार्रवाई में घायल होने का दावा किया, जबकि पुलिस के अनुसार इस दौरान 14 पुलिसकर्मी भी घायल हुए।

विधानसभा में BJP का हंगामा, सरकार पर निशाना

मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेर लिया। BJP विधायकों ने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए सदन के बीचोंबीच पहुंचकर नारेबाजी की। विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से पूरे घटनाक्रम पर जवाब मांगा। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई।

सोरेन का BJP पर पलटवार

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक मंच के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की गई है।

झारखण्ड सीएम हेमंत सोरेन

सोरेन ने BJP पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी अब छात्रों के आंदोलन की आड़ में राजनीति कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सोमवार को छात्रों और प्रशासन, दोनों ने संयम का परिचय दिया।

मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। सत्र का अंतिम दिन 12 अगस्त निर्धारित था, लेकिन सदन को एक दिन पहले ही स्थगित कर दिया गया।