JPSC विवाद पर तेज हुई सियासत, CM सोरेन ने राज्यपाल को दी जांच की जानकारी; 7 अगस्त को विधानसभा मार्च का ऐलान
झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासी और सामाजिक हलचल लगातार तेज होती जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को लोक भवन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर मामले में सीआईडी द्वारा की जा रही जांच की प्रगति से अवगत कराया। दूसरी ओर छात्र और जन संगठन 7 अगस्त को विधानसभा मार्च निकालने की तैयारी में जुट गए हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को बताया कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है और किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है तथा जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
राज्यपाल बोले- पारदर्शिता और युवाओं का विश्वास सबसे अहम
बैठक के दौरान राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और युवाओं के विश्वास को बनाए रखना बेहद जरूरी है।
राज्यपाल ने कथित अनियमितताओं को गंभीर विषय बताते हुए निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि आयोगों की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए, जिससे उनकी विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर किसी प्रकार का सवाल न उठे।
मुख्यमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि राज्य सरकार छात्रों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार भी मौजूद रहे।
सोनम वांगचुक की अपील पर छात्र नेता ने तोड़ा अनशन
इधर, रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने बुधवार को अपना अनशन समाप्त कर दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के माध्यम से उनसे बातचीत कर अनशन खत्म करने की अपील की। वांगचुक ने उन्हें समझाया कि लंबी लड़ाई लड़ने के लिए स्वस्थ रहना जरूरी है। इसके बाद देवेंद्र नाथ महतो ने जल ग्रहण कर अपना अनशन समाप्त किया।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग को लेकर आंदोलन पहले की तरह जारी रहेगा। पिछले कई दिनों से अनशन के कारण उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, जिससे छात्रों और समर्थकों में चिंता बढ़ गई थी।
7 अगस्त को विधानसभा मार्च, छात्रों से एकजुट होने की अपील
उधर, JPSC और JSSC को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की मांग को लेकर छात्र और जन संगठनों ने 7 अगस्त को विधानसभा मार्च निकालने का ऐलान किया है।
झारखंड जनाधिकार महासभा, आइसा, एआईएसएफ समेत कई छात्र एवं सामाजिक संगठनों ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज झारखंड के युवा उनके संघर्ष और जन आंदोलन की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
संगठनों का कहना है कि जिस प्रकार शिबू सोरेन ने ए.के. राय और बिनोद बिहारी महतो के साथ मिलकर झारखंड आंदोलन को नई दिशा दी थी, उसी तरह आज छात्र और युवा अपने अधिकारों तथा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
संगठनों ने प्रदेशभर के छात्र-छात्राओं से अपील की है कि वे 7 अगस्त 2026 को सुबह 11 बजे आयोजित विधानसभा मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होकर युवाओं के भविष्य और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था की मांग को मजबूत करें।