बड़गाईं भूमि घोटाला: 14 आरोपियों पर आरोप तय, CM सोरेन समेत तीन को मिली राहत नहीं, सिर्फ मोहलत
झारखंड के चर्चित बड़गाईं भूमि फर्जीवाड़ा मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की विशेष अदालत ने शुक्रवार को अहम कदम उठाते हुए 17 में से 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप गठित कर दिए हैं। ईडी के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने गुरुवार को यह आदेश पारित किया। वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बिनोद कुमार सिंह और राज कुमार पाहन के खिलाफ फिलहाल आरोप तय नहीं किए गए, क्योंकि तीनों ने अदालत से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था।
अदालत ने उनकी मांग स्वीकार करते हुए आरोप गठन की प्रक्रिया फिलहाल टाल दी है। मामले की अगली सुनवाई अब 11 अगस्त को होगी।
2023 में दर्ज ईसीआईआर से जुड़ा है मामला
यह मामला प्रवर्तन निदेशालय द्वारा 26 फरवरी 2023 को दर्ज ईसीआईआर (ECIR) से संबंधित है। ईडी ने सदर थाना में दर्ज मामले और पहले से उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर जांच शुरू की थी। करीब तीन वर्षों तक चली जांच और पूरक अभियोजन शिकायतें दाखिल किए जाने के बाद अब अदालत ने आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ईडी का दावा- "संगठित गिरोह बनाकर हुई जमीन की अवैध खरीद-बिक्री"
प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि आरोपियों ने संगठित गिरोह के रूप में काम करते हुए बरियातू-बड़गाईं क्षेत्र की गैर-हस्तांतरणीय भुईंहरी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री की। जांच एजेंसी के अनुसार, इस प्रक्रिया के जरिए अपराध से अर्जित धन को वैध दिखाने का भी प्रयास किया गया।
ईडी का कहना है कि जांच के दौरान जब्त की गई डायरियों में करोड़ों रुपये के नकद लेनदेन का उल्लेख मिला है। इसके अलावा कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों के विश्लेषण से सह-आरोपियों के बीच संपर्क और वित्तीय लेनदेन की पुष्टि होने का भी दावा किया गया है।
इन 14 आरोपियों पर तय हुए आरोप
विशेष अदालत ने पूर्व राजस्व उपनिरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, तापस घोष, शेखर कुशवाहा, सद्दाम हुसैन, आनंद तिर्की उर्फ अंतु तिर्की, अफसर अली, इरशाद अख्तर, कुमार राजश्री, मनोज कुमार यादव, प्रिया रंजन सहाय, बिपिन सिंह, बिजेंद्र सिंह, संजीत कुमार और इरशाद के खिलाफ आरोप गठित किए हैं।
इन सभी आरोपियों के खिलाफ अब मामले की नियमित सुनवाई आगे बढ़ेगी। वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बिनोद कुमार सिंह और राज कुमार पाहन के खिलाफ आरोप गठन पर अदालत अगली सुनवाई में फैसला करेगी।
11 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त के लिए निर्धारित की है। उस दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन पर विचार किया जाएगा। बड़गाईं भूमि फर्जीवाड़ा मामला झारखंड के चर्चित मामलों में शामिल है और इसकी कार्रवाई पर राजनीतिक तथा कानूनी दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है।