झारखण्ड CM सोरेन की समीक्षा बैठकों पर सियासी घमासान, बाबूलाल मरांडी ने साधा निशाना; झामुमो ने किया पलटवार
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा विभिन्न सरकारी विभागों की समीक्षा बैठकों को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है। एक ओर मुख्यमंत्री प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने और सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से विभागवार समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रहे हैं, वहीं विपक्षी भाजपा ने इन बैठकों की मंशा और प्रभावशीलता पर गुरुवार को सवाल उठाए हैं।
भाजपा के आरोपों पर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है।
सरकारी कामकाज की हो रही है समीक्षा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन दिनों लगभग सभी विभागों के कामकाज की समीक्षा कर चुके हैं। बैठकों के दौरान उन्होंने अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कई मामलों में अधिकारियों को फटकार भी लगाई गई। सरकार का कहना है कि इन बैठकों का उद्देश्य प्रशासन को अधिक जनोन्मुखी बनाना और आम नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना है।
बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों पर नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। मरांडी ने कहा कि सरकार के कार्यकाल के दौरान केवल तीन खदानों की नीलामी हुई है। ऐसे में सरकार किस बात की समीक्षा कर रही है, यह प्रदेश की जनता अच्छी तरह जानती है। भाजपा का दावा है कि ये समीक्षा बैठकें केवल दिखावे के लिए आयोजित की जा रही हैं और इनका जमीनी स्तर पर कोई प्रभाव दिखाई नहीं देता।
झामुमो का पलटवार
भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कहा कि सरकार किसी राजनीतिक दल को संतुष्ट करने के लिए नहीं, बल्कि जनता के स्पष्ट जनादेश के आधार पर बनी है। पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार जनता के हितों और राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर काम कर रही है।
झामुमो नेता मनोज पांडे ने कहा कि विभागीय समीक्षा बैठकों का उद्देश्य प्रशासनिक कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करना है, ताकि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतर सके। उन्होंने दावा किया कि इन बैठकों का सकारात्मक संदेश आम लोगों के बीच जा रहा है। साथ ही उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य जनता का कल्याण है, न कि विपक्ष को संतुष्ट करना।
समीक्षा बैठकों को लेकर जारी है राजनीतिक बयानबाजी
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। जहां भाजपा इन बैठकों की उपयोगिता पर सवाल उठा रही है, वहीं झामुमो इसे प्रशासनिक सुधार और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बता रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।