पंजाब के जालंधर में एक ट्रैवल एजेंट पर किसान परिवा

छात्र से 11.5 लाख लेकर फरार हुआ ट्रेवल एजेंट, किसानों ने खोला मोर्चा

जालंधर ट्रैवल एजेंट घोटाला

पंजाब के जालंधर से ट्रैवल एजेंट पर एक किसान परिवार से 11.5 लाख रुपये हड़पने का आरोप सामने आया है। आरोप है कि ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर एजेंट ने छात्र की फाइल में कमियां बताकर प्रोसेसिंग और कागजी कार्रवाई के नाम पर रकम अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवा ली। लंबे समय तक वीजा नहीं आने और रकम वापस न मिलने पर पीड़ित परिवार ने किसान यूनियन से मदद की गुहार लगाई।

32 लाख का बैंक बैलेंस

जानकारी के मुताबिक, मामला फाजिल्का निवासी किसान दरबार सिंह के परिवार से जुड़ा है। परिवार अपने बेटे को उच्च शिक्षा के लिए ऑस्ट्रेलिया भेजना चाहता था। परिवार का दावा है कि उनके पास करीब 32 लाख रुपये का बैंक बैलेंस और लोन की व्यवस्था थी। आरोप है कि जालंधर स्थित गुजराल इमीग्रेशन के मालिक ने फाइल में कमियां बताकर परिवार को प्रक्रिया पूरी कराने का भरोसा दिया। इसके बाद प्रोसेसिंग और अन्य कागजी कार्रवाई के नाम पर करीब 11.5 लाख रुपये बैंक खातों में ट्रांसफर करवाए गए।

महीनों तक लगवाए चक्कर

पीड़ित परिवार का आरोप है कि रकम लेने के बाद एजेंट ने उन्हें कई महीनों तक अलग-अलग तारीखें देकर टालता रहा। करीब 6 महीने से एक साल तक इंतजार करने के बाद भी वीजा नहीं आया। इसके बाद परिवार ने अपनी रकम वापस मांगी। परिवार के मुताबिक, 28 तारीख को पैसे लौटाने का समय तय हुआ था, लेकिन आरोप है कि एजेंट ने रकम वापस नहीं की और अपने ऑफिस में ताला लगाकर वहां से चला गया।

लोकेशन जालंधर की बताई

पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि एजेंट फोन पर खुद को दिल्ली में होने की बात कह रहा था। वहीं, परिवार के अनुसार उसकी लाइव लोकेशन जालंधर के मॉल रोड की मिली। इसके बाद परिवार और किसान नेताओं का गुस्सा और बढ़ गया।

किसानों ने लगाया मोर्चा

मामले में भारतीय किसान यूनियन पीड़ित परिवार के समर्थन में सामने आई। बीकेयू के प्रदेश उपाध्यक्ष मनप्रीत सिंह संधू की अगुवाई में किसानों ने इमीग्रेशन ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि विदेश भेजने के नाम पर किसानों और उनके बच्चों से लाखों रुपये लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिवार जमीन गिरवी रखकर और अपनी मेहनत की कमाई से बच्चों के विदेश जाने का इंतजाम करते हैं, ऐसे में रकम फंसने से परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है।