इंदौर में 15 साल पुराने वाहन बंद,बसों में पैनिक बटन अनिवार्य
इंदौर में 15 साल पुराने वाहन बंद,बसों में पैनिक बटन अनिवार्य
कलेक्टर ने बस आपरेटरों को दी चेतावनी
बोले, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्राइम न्यूज नेटवर्क
इंदौर। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्रथमिकता है। बस संचालन ऐसा हो जिससे किसी को परेशानी नहीं हो। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह चेतावनी इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने बस आपरेटरों को दी। उन्होंने निर्देश दिया कि बस में जीपीएस, पैनिक बटम, लाइट, पीने का पानी, फर्स्च एड बाक्स, और अग्निशमन यंत्र पूरी तरह कार्यशील रहे। यातायात नियमों का पूरी तरह से पालन किया जाए और अनुशासन में रहें।
इस बैठक का उद्देश्य शहर में यातायात की सुगमता, यात्रियों की सुरक्षा, और बस स्टाफ के आचरण में सुधार लाना था। कलेक्टर ने कहा, बस यात्रियों से शालीनता और सद्व्यवहार करें। नशे का सेवन नहीं करेंऔर यूनिफार्म में रहें। बसों की लाइट, जीपीएस, पैनिक बटम और सुरक्षा के उपकरण हमेशा चालू स्थिति में रखें। इसके साथ सभी वाहनों की फिटनेस औऱ ड्राइविंग लाइसेंस की नियमित जांच अनिवार्य रुप से करें। इसके साथ कलेक्टर वर्मा ने चेतावनी दी कि बस चालक या कर्मचारी किसी भी प्रकार के नशे का सेवन या किसी यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार करगें तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बस में ज्वलनशील पदार्थ या किसी भी प्रकार का विस्फोटक का परिवहन सख्त वर्जित रहेगा। बस में दो दरवाजे और एक अपातकालीन द्वारा बिना किसी अवरोध के खुलने वाला अनिवार्य है। उन्होंने यह भी निर्दश दिया कि सभी बसों में स्पीड गवर्नर, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस औऱ पेनिक बटम सही तरीके से कार्यशील रहे। टायर पूरी तरह सही स्थिति में रहे। किसी प्रकार के घिसे कटे या रीमोल्ड न लागाए जाएं। बस में फर्स्ट एड बाक्स उपलब्ध हों औऱ सभी जरूरी वैद्य़ दवा मौजूद रहे। बाहन के आगे बायीं औऱ विंडस्क्रीन पर बीमा फिटनेस परमिट क्रमांक और वैधता लाल रंग में स्पष्ट रूप में लिखें। इसके अलावा सीट 11 से 16 तक केवल महिलाओ के लिए आरक्षित रहेंगी। दरवाजे के पास दो सीट दिव्यांगों के लिए निर्धारित रहेंगी। चालक के पीछे वाली सीट नवजात शिशु की मां के लिए आरक्षित रहेंगी। उन्होंने कहा कि 15 साल से पुराना बाहने किसी भी स्थिति में नहीं चलेंगी। जांच में इनका पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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