हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आर्

CM सुक्खू का केंद्र पर निशाना, बोले- PM की ₹1,500 करोड़ की घोषणा अब तक नहीं मिली

CM सुक्खू का केंद्र पर निशाना, बोले- PM की ₹1,500 करोड़ की घोषणा अब तक नहीं मिली

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद किए जाने और केंद्र से मिलने वाली आर्थिक सहायता में देरी को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने विपक्ष से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर प्रदेश के हित में सरकार का साथ देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि हिमाचल की जनता के अधिकार और प्रदेश की आर्थिक मजबूती से जुड़ा विषय है।

हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू

सुक्खू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2025 में आपदा प्रभावित हिमाचल प्रदेश के लिए 1,500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की थी, लेकिन यह राशि अब तक राज्य को प्राप्त नहीं हुई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस सहायता के अलावा RDG का मुद्दा भी हिमाचल की वित्तीय स्थिति पर सीधा असर डाल रहा है।

RDG बंद होने से हर साल हजारों करोड़ का नुकसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होने के बाद हिमाचल प्रदेश को हर साल करीब 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद वित्त वर्ष 2026-27 से राज्यों के लिए RDG की व्यवस्था समाप्त हो गई है।

हिमाचल लंबे समय से इस अनुदान पर निर्भर रहा है। इसके बंद होने से राज्य के वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा है। सुक्खू ने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल की परिस्थितियां मैदानी राज्यों से अलग हैं। यहां सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के निर्माण एवं रखरखाव पर अपेक्षाकृत अधिक खर्च आता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे में केंद्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता राज्य की अर्थव्यवस्था को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

₹1,500 करोड़ की मदद RDG से अलग

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 1,500 करोड़ रुपये की सहायता RDG से अलग है। प्रधानमंत्री ने 9 सितंबर 2025 को हिमाचल में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान का जायजा लेने के बाद आपदा प्रभावित प्रदेश के लिए इस विशेष वित्तीय सहायता की घोषणा की थी।

सुक्खू का कहना है कि घोषणा के बावजूद यह राशि अभी तक हिमाचल सरकार को नहीं मिली है। राज्य सरकार लगातार इस मुद्दे को केंद्र के समक्ष उठाती रही है और आपदा प्रभावित प्रदेश के लिए घोषित सहायता जल्द जारी करने की मांग कर रही है।

‘राजनीति से ऊपर उठकर हिमाचल के साथ खड़ा हो विपक्ष’

मुख्यमंत्री ने विपक्ष से अपील की कि प्रदेश से जुड़े आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर हिमाचल के हितों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र से राज्य के अधिकार की मांग करना किसी एक राजनीतिक दल का विषय नहीं है।

सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के हित में सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर केंद्र के समक्ष हिमाचल की आवाज मजबूती से उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों की रक्षा और प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए विपक्ष का सहयोग बेहद जरूरी है।