हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा तेज

हिमाचल में कैबिनेट विस्तार पर CM सुक्खू का संकेत, बोले- खाली मंत्री पद भरना जरूरी, फैसला करेगा हाईकमान

हिमाचल में कैबिनेट विस्तार पर CM सुक्खू का संकेत, बोले- खाली मंत्री पद भरना जरूरी, फैसला करेगा हाईकमान

हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री का एक पद लंबे समय से खाली है, जिसे भरने की मांग लगातार उठ रही है। इस बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट संकेत दिया है कि खाली मंत्री पद को भरा जाना आवश्यक है, हालांकि अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान ही करेगा।

कांग्रेस की जनरल हाउस बैठक में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्रिमंडल विस्तार, आगामी विधानसभा चुनाव, पार्टी की रणनीति और संगठन के भीतर मतभेद की चर्चाओं पर विस्तार से अपनी बात रखी।

हिमाचल सीएम सुक्खू

'मंत्रिमंडल विस्तार का फैसला हाईकमान करेगा'

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार होना है, लेकिन यह कब होगा, इसका फैसला कांग्रेस हाईकमान करेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल मंत्रिमंडल में एक पद रिक्त है और मौजूदा परिस्थितियों में उसे भरना बेहद जरूरी है।

उन्होंने बताया कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो 16 और 17 जुलाई को राजनीतिक मामलों की बैठक प्रस्तावित है। हालांकि प्रदेश में लगातार खराब मौसम को देखते हुए बैठक की अंतिम पुष्टि उसी के आधार पर की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि खाली मंत्री पद को अब भर दिया जाना चाहिए।

2027 चुनाव पर भाजपा को लेकर किया दावा

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल का "मिशन रिपीट" अपने आप पूरा नहीं होता, बल्कि अंतिम फैसला जनता करती है।

उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सत्ता में वापसी नहीं कर पाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्तमान में भाजपा के जितने विधायक हैं, अगली विधानसभा में उनकी संख्या इससे भी कम होगी।

भाजपा का चुनावी चिन्ह

'कांग्रेस में कोई मनमुटाव नहीं'

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और किन्नौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष निगम भंडारी के बीच मतभेद की चर्चाओं को मुख्यमंत्री ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर किसी प्रकार का मनमुटाव नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जगत सिंह नेगी वरिष्ठ और अनुभवी मंत्री हैं, जबकि निगम भंडारी युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हैं। ऐसे में अलग-अलग विचार सामने आना स्वाभाविक है, लेकिन इसे आपसी विवाद या मतभेद नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी मुद्दों का समाधान आपसी बातचीत से हो जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस की रणनीति पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जगत सिंह नेगी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस हाईकमान पर कोई सवाल नहीं उठाया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार द्वारा नई कार्यकारिणी के गठन के बाद यह जनरल हाउस की पहली बैठक थी, जिसमें मंत्रियों, जिला अध्यक्षों, वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

बैठक में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति, संगठन को मजबूत करने और भाजपा के कथित भ्रामक प्रचार का प्रभावी जवाब देने की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी उद्देश्य से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह बैठक बुलाई थी, ताकि आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए संगठन को तैयार किया जा सके।