हिमाचल में पेट्रोल-डीजल पर 60 पैसे सेस से सियासी संग्राम, BJP के वार पर विक्रमादित्य सिंह का पलटवार
हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर ‘अनाथ एवं विधवा उपकर’ लागू होने के बाद सियासत गरमा गई है। राज्य सरकार ने 11 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि से यह सेस लागू किया है। सरकार का कहना है कि इसका आधार इसी साल विधानसभा से पारित हिमाचल प्रदेश मूल्य वर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 है। वहीं, भाजपा ने इसे जनता पर टैक्स और महंगाई का अतिरिक्त बोझ करार देते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मुताबिक, बजट सत्र के दौरान 23 मार्च 2026 को विधानसभा ने ‘ऑरफन एंड विडो सेस’ से संबंधित संशोधन विधेयक पारित किया था। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सेस लागू होने के बावजूद हिमाचल में पेट्रोल-डीजल की कीमतें पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड जैसे पड़ोसी राज्यों की तुलना में अभी कम हैं।
भाजपा बोली- जनता की जेब पर एक और चोट
सेस लागू होने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद से सरकार ने टैक्स, शुल्क और महंगाई बढ़ाने को अपनी नीति बना लिया है।
बिंदल ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर की नई बढ़ोतरी आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ाएगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभालने के बाद डीजल पर वैट बढ़ाकर करीब 7 रुपये प्रति लीटर का अतिरिक्त बोझ डाला और इसके बाद भी अलग-अलग मदों में शुल्क बढ़ाने का सिलसिला जारी रहा।
विक्रमादित्य सिंह का पलटवार, केंद्र पर साधा निशाना
भाजपा के आरोपों पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष को राज्य सरकार पर सवाल उठाने से पहले केंद्र में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर जवाबदेही तय करनी चाहिए।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि कच्चे तेल से जुड़ी परिस्थितियों का असर बिटुमेन की कीमत और उपलब्धता पर पड़ा है। इससे हिमाचल में सड़कों की टायरिंग का काम प्रभावित हो रहा है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश में लगाया गया सेस भी मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला है।
E20 पर भी केंद्र को घेरा
विक्रमादित्य सिंह ने पेट्रोल में E20 यानी इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इससे वाहनों की माइलेज प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने भाजपा से इस मुद्दे पर भी जवाब देने की मांग की।
मानसून में 312 सड़कें बंद, 600 मशीनरी तैनात
लोक निर्माण मंत्री ने प्रदेश में मानसून के कारण प्रभावित सड़कों की स्थिति की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फिलहाल करीब 312 सड़कें बंद हैं। इनमें से 195 सड़कों को 12 अगस्त तक खोलने का लक्ष्य रखा गया था, जबकि अगले दो दिनों में करीब 70 और सड़कों को बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
सड़क बहाली के लिए प्रदेशभर में करीब 600 मशीनें लगाई गई हैं, जिनमें पोकलेन और जेसीबी समेत अन्य मशीनरी शामिल है। बेली ब्रिज भी जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल के लिए तैयार रखे गए हैं। बागवानी क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि सेब सीजन में किसानों और बागवानों को परेशानी न हो।
सड़क टेंडर पर भी मंत्री ने दी जानकारी
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि छैला-नेरीपुल-यशवंतनगर सड़क के टेंडर की प्रक्रिया अगले 15 से 30 दिनों में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। उनका कहना है कि बरसात समाप्त होते ही सड़क का काम शुरू किया जा सकेगा।
सरकार के अनुसार, SDRF, NDRF और PDNA के तहत मिलने वाली राशि जरूरत के मुताबिक अलग-अलग क्षेत्रों में भेजी जा रही है। करीब 225 करोड़ रुपये PDNA के माध्यम से प्रदेश में पहुंच चुके हैं।
फिलहाल पेट्रोल-डीजल सेस को लेकर हिमाचल में सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। भाजपा इसे महंगाई बढ़ाने वाला कदम बता रही है, जबकि कांग्रेस सरकार इसे पहले से पारित कानून के तहत लिया गया फैसला बता रही है। वहीं, विक्रमादित्य सिंह ने सेस के मुद्दे के साथ पेट्रोल-डीजल की कीमतों, E20 और सड़क बहाली को लेकर केंद्र पर भी सवाल खड़े किए हैं।