हिमाचल सरकार का प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने पर विशेष जोर
शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि राज्य सरकार का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश को प्राकृतिक कृषि के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है। इसके लिए सरकार विभिन्न स्तरों पर ठोस और योजनाबद्ध प्रयास कर रही है, ताकि किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए बेहतर सुविधाएं और अवसर मिल सकें।
कृषि विभाग को दिए महत्वपूर्ण निर्देश
कृषि विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से इस दिशा में गंभीरता और सावधानी के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए विभाग को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी, जिससे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
उत्पादों के विपणन पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती से तैयार होने वाले कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने कृषि विभाग में एक अलग विपणन शाखा स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों के उत्पादों को संगठित तरीके से बाजार तक पहुंचाया जा सके और उन्हें उचित मूल्य मिल सके।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे किसान
उन्होंने अधिकारियों को डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्राकृतिक कृषि उत्पादों की बिक्री की संभावनाओं का अध्ययन करने और उन्हें बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। इससे किसानों को व्यापक बाजार तक पहुंच मिलेगी और उनके उत्पादों की मांग में वृद्धि होने की संभावना है।
प्राकृतिक खेती का बढ़ता दायरा
राज्य में प्राकृतिक खेती का दायरा लगातार बढ़ रहा है। बड़ी संख्या में किसान इस पद्धति को अपना रहे हैं और हजारों हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक कृषि की जा रही है। सरकार का मानना है कि आधुनिक विपणन व्यवस्था और प्रभावी नीतियों के माध्यम से प्राकृतिक खेती को नई पहचान मिलेगी, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ कृषि प्रणाली को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।