हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश से राष्ट्रीय राजमार

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, सीएम ने दी चेतावनी

'हिमाचल आएं, लेकिन नदी-नालों से रहें दूर': भारी बारिश के बीच CM सुक्खू की पर्यटकों से अपील

हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के कई राष्ट्रीय राजमार्ग और संपर्क सड़कें बंद हैं, जबकि अनेक स्थानों पर पुल और पुलियाएं बह जाने से आवाजाही बाधित हुई है। कई नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

हिमाचल सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू

इसी बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश आने वाले पर्यटकों का स्वागत करते हुए शनिवार को उनसे विशेष सावधानी बरतने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पर्यटक हिमाचल के पर्यटन स्थलों का आनंद लें, लेकिन नदी-नालों और जलधाराओं के किनारे जाने से बचें, क्योंकि लगातार बारिश के चलते जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

'भारी बारिश से नुकसान हुआ, लेकिन हालात सामान्य'

शिमला स्थित अटल सुपर स्पेशियलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान, चमियाना में अत्याधुनिक थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन के उद्घाटन के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि बीते दो दिनों की भारी बारिश से प्रदेश को काफी नुकसान हुआ है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह सरकार मानसून से उत्पन्न चुनौतियों की समीक्षा के लिए बैठक करेगी, जिसमें राहत, बचाव और भविष्य की तैयारियों की विस्तृत रणनीति तैयार की जाएगी।

हिमाचल में भारी बारिश से बिगड़ते हालात

AI तकनीक से लैस एमआरआई मशीन का शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले आईजीएमसी शिमला में 19 वर्ष पुरानी एमआरआई मशीन को बदला गया और अब चमियाना अस्पताल में वही थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन स्थापित की गई है, जो एम्स, नई दिल्ली में उपयोग की जा रही है। यह मशीन कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीक से लैस है, जिससे गंभीर बीमारियों की अधिक सटीक पहचान और प्रभावी उपचार संभव होगा।

उन्होंने कहा कि अगले लगभग तीन महीनों में चमियाना, आईजीएमसी शिमला, नेरचौक (मंडी), टांडा मेडिकल कॉलेज और हमीरपुर में अत्याधुनिक ऑटोमेशन लैब शुरू की जाएंगी। इस परियोजना पर लगभग 125 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे विभिन्न चिकित्सा जांच तेज़ी और अधिक सटीकता के साथ उपलब्ध हो सकेंगी।

गरीब मरीजों को रियायती दर पर रोबोटिक सर्जरी

प्रतीकात्मक तस्वीर

मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि चमियाना अस्पताल में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए रोबोटिक सर्जरी मात्र 50 हजार रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि इस पर सरकार 65 हजार रुपये की सब्सिडी दे रही है। अन्य मरीजों को यह सुविधा 1.15 लाख रुपये में मिल रही है, जबकि निजी और बाहरी अस्पतालों में इसी सर्जरी की लागत करीब 5 लाख रुपये तक पहुंच जाती है।

उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में धन की कमी नहीं आने देगी। साथ ही बताया कि चमियाना, आईजीएमसी, टांडा, हमीरपुर और मंडी में एआई-सक्षम थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि नेरचौक में भी यह सुविधा जल्द शुरू की जाएगी।