हिमाचल CM सुक्खू को जान से मारने की धमकी का मामला, सोशल मीडिया पोस्ट के बाद आरोपी गिरफ्तार
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को कथित रूप से जान से मारने की धमकी देने और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने के मामले में हमीरपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शिकायत मिलने के कुछ ही समय बाद तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की पहचान की और उसे हिरासत में ले लिया। अदालत में पेश किए जाने के बाद आरोपी को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान वीडियो बनाने के उद्देश्य, उसके प्रसारण और मामले में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की गहन जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत के बाद शुरू हुई त्वरित जांच
पुलिस के अनुसार, शिवनगर निवासी विश्व शामा ने शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि एक व्यक्ति ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से ऐसा वीडियो साझा किया, जिसमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया कि वीडियो में मुख्यमंत्री को जान से मारने की धमकी दी गई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वीडियो में एक विशेष समुदाय के खिलाफ भी कथित रूप से अभद्र टिप्पणियां की गई थीं, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका जताई गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।
डिजिटल साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस ने वीडियो से जुड़े डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसके आधार पर आरोपी की पहचान हमीरपुर जिले के एक गांव के निवासी के रूप में हुई। गुरुवार शाम उसे भोटा पुलिस चौकी में पूछताछ के लिए बुलाया गया, जहां पूछताछ और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
शुक्रवार को आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
वीडियो के उद्देश्य और प्रसार की होगी जांच
हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक बलवीर सिंह ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस यह पता लगाएगी कि वीडियो किस उद्देश्य से बनाया गया, उसे किन-किन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया और क्या इस पूरे घटनाक्रम में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक सामग्री साझा करने, अभद्र टिप्पणियां करने, छवि धूमिल करने और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही मामले से जुड़े सभी इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित किया जा रहा है।
पुलिस ने सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग की अपील करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी व्यक्ति, जनप्रतिनिधि या समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।