हिमाचल मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत: CM सुक्खू ने मंच से दिया बड़ा इशारा, सुंदर सिंह के मंत्री बनने की चर्चा तेज
हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से चर्चा में चल रहे मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पहली बार सार्वजनिक मंच से ऐसा संकेत दिया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है। मशोबरा में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह की ओर इशारा करते हुए कहा कि वे "जल्द हमारे मंत्री बनने वाले हैं।" मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सुंदर सिंह के मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावनाएं और प्रबल मानी जा रही हैं।
हाल ही में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने नई दिल्ली में प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल, कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सरकार और संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की थी। इसके बाद से ही कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज हो गई थीं।
मंच से मुख्यमंत्री ने दिए स्पष्ट संकेत
मुख्यमंत्री सुक्खू मशोबरा में बीडीओ कार्यालय के उद्घाटन और कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में लगभग 48 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान मंच पर कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह और कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह भी मौजूद थे।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अनिरुद्ध सिंह के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि कसुम्पटी को लंबे समय बाद मंत्री पद मिला है और मंत्री होने के कारण विकास कार्यों को गति मिली है। इसी दौरान उन्होंने सुंदर सिंह की ओर देखते हुए कहा कि "ये भी जल्द हमारे मंत्री बनने वाले हैं।" मुख्यमंत्री के इस बयान को राजनीतिक हलकों में महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
कैबिनेट विस्तार को लेकर बढ़ी चर्चाएं
मुख्यमंत्री के बयान के बाद हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं और तेज हो गई हैं। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक मंत्रिमंडल विस्तार की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि 16 और 17 अगस्त को कसौली में प्रस्तावित राजनीतिक मामलों की समिति की समीक्षा बैठक संसद सत्र के कारण स्थगित हो गई है। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार में कुछ और समय लग सकता है।
क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति
वर्तमान में मुख्यमंत्री सहित राज्य मंत्रिमंडल में 11 सदस्य हैं। यदि सुंदर सिंह को मंत्री बनाया जाता है तो इसे क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
फिलहाल मंडी, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों का मंत्रिमंडल में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है, जबकि चंबा जिले के पास विधानसभा अध्यक्ष का पद है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मंडी संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन को देखते हुए पार्टी कुल्लू को मंत्री पद देकर क्षेत्रीय समीकरण मजबूत करने की कोशिश कर सकती है।
कौन हैं सुंदर सिंह?
कुल्लू विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुंदर सिंह ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में महेश्वर सिंह को हराकर पहली बार जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नरोत्तम ठाकुर को चार हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया। कांग्रेस सरकार बनने के बाद उन्हें मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी।
यदि मुख्यमंत्री के संकेतों पर मुहर लगती है, तो सुंदर सिंह जल्द ही हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के नए चेहरे के रूप में शपथ लेते नजर आ सकते हैं। इससे न केवल कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, बल्कि कांग्रेस क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन साधने की अपनी रणनीति को भी मजबूती दे सकेगी।