निर्मल महतो के शहादत दिवस पर CM सोरेन बोले- विपक्ष की हर कोशिश के बावजूद जारी रहेगा झारखंड को आगे बढ़ाने का संघर्ष
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्य के विकास और राजनीतिक चुनौतियों को लेकर अपनी सरकार का रुख स्पष्ट किया। कदमा उलियान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को अलग राज्य का दर्जा दिलाने के संघर्ष में आदिवासियों और मूलवासियों के हितों के लिए अनेक लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी। उन्हीं के संघर्ष और बलिदान की बदौलत झारखंड की नींव रखी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के निर्माण और विकास की प्रक्रिया में ऐसे लोग भी शामिल रहे, जिन्होंने यहां के मूल निवासियों के हितों का विरोध किया। उनके मुताबिक, ऐसे तत्वों ने झारखंड को डर, भय और शोषण के माहौल में बनाए रखने का प्रयास किया।
शहीदों के सपनों का झारखंड बनाने का संकल्प
हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार झारखंड को सही दिशा में ले जाने और जनता की जरूरतों के अनुरूप नीतियां तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने माना कि सरकार को अपने प्रयासों के दौरान विपक्ष के कड़े विरोध और कई तरह की राजनीतिक अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि मुख्यमंत्री ने साफ किया कि इन चुनौतियों से सरकार पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि तमाम विरोध और बाधाओं के बावजूद राज्य को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने का प्रयास जारी रहेगा।
आदिवासी-मूलवासी एकजुटता पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आदिवासी और मूलवासी समाज की एकजुटता को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह समुदाय एक-दूसरे की ताकत है और बाहरी आक्रमण या किसी भी तरह की साजिश का सामना मिलकर करने में सक्षम है।
उन्होंने कहा कि झारखंड के लोगों की संवेदनशीलता और एकजुटता ही राज्य की बड़ी ताकत है। सरकार इसी भावना के साथ आगे बढ़ रही है और राज्य के हितों से जुड़े मुद्दों पर मजबूती से काम करती रहेगी।
निर्मल महतो के विचारों को आगे बढ़ाने की बात
मुख्यमंत्री ने शहीद निर्मल महतो के संघर्ष और योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके सपनों के अनुरूप झारखंड का निर्माण करना सरकार की निरंतर यात्रा का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि राज्य के आदिवासी और मूलवासी समाज के हितों की रक्षा तथा झारखंड के समग्र विकास के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राज्य में सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर राजनीतिक टकराव जारी है। शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस के मौके पर हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन के जरिए सरकार की प्राथमिकताओं और राज्य के विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।