झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जामताड़ा के द

जामताड़ा के अनाथ भाई-बहन की पढ़ाई का खर्च उठाएगी झारखंड सरकार, सीएम सोरेन ने डीसी को दिए निर्देश

जामताड़ा के अनाथ भाई-बहन की पढ़ाई का खर्च उठाएगी झारखंड सरकार, सीएम सोरेन ने डीसी को दिए निर्देश

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जामताड़ा जिले के दो अनाथ भाई-बहन की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने दोनों बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए हर संभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके अभिभावक को भी विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने को कहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने मामले में त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।

झारखण्ड सीएम हेमंत सोरेन

सोशल मीडिया के जरिए मिली जानकारी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी मिली कि जामताड़ा के सुशील और मंजू अपने माता-पिता के निधन के बाद अनाथ हो गए हैं। आर्थिक तंगी के कारण उनकी शिक्षा प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने जामताड़ा के उपायुक्त (डीसी) को पूरे प्रकरण की जांच करने और दोनों बच्चों की शिक्षा के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बड़ी मां को भी मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री ने केवल बच्चों की शिक्षा तक ही अपने निर्देश सीमित नहीं रखे, बल्कि उनकी देखभाल कर रही बड़ी मां बालमुनि को भी पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कहा। उन्होंने जिला प्रशासन से इस संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

डीसी ने दिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश

मुख्यमंत्री के आदेश मिलते ही जामताड़ा के उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए। उपायुक्त ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि दोनों बच्चों को छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) सहित अन्य उपलब्ध कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इसके अलावा, उनकी बड़ी मां को भी नियमानुसार विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है, ताकि परिवार को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिल सके।

शिक्षा बाधित नहीं होने देने पर सरकार का जोर

प्रतीकात्मक तस्वीर

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक या पारिवारिक परिस्थितियों के कारण किसी भी बच्चे की शिक्षा प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन को बच्चों के लिए उपलब्ध सभी शैक्षणिक और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।