हरियाणा में फैमिली ID की आय जांच को लेकर बड़ा फैसला, CM सैनी ने ग्राम सभाओं को दी अहम जिम्मेदारी
हरियाणा सरकार ने परिवार पहचान पत्र (Family ID) में दर्ज आय की सत्यापन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID) को निर्देश दिए हैं कि परिवार पहचान पत्रों में नागरिकों की आय का सत्यापन ग्राम सभाओं के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि वास्तविक जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा सके।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश हरियाणा सिविल सचिवालय में CRID और ‘सेवा’ विभाग के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में परिवार पहचान पत्र से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
ग्राम सभा करेगी परिवार की वास्तविक आय की पुष्टि
बैठक में CRID के आयुक्त एवं सचिव जे. गणेशन ने बताया कि प्रदेश में कई परिवार ऐसे हैं, जिनकी आय का सत्यापन पूरा नहीं होने के कारण वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह जा रहे हैं। आय सत्यापन के लिए गठित कमेटी में सरकारी कर्मचारी, लोकल ऑपरेटर और वॉलेंटियर शामिल हैं, लेकिन अलग-अलग रिपोर्ट में आय के आंकड़ों में अंतर आने से वास्तविक आय तय करने में परेशानी हो रही थी।
इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री सैनी ने निर्देश दिए कि टीम लीडर और लोकल ऑपरेटर द्वारा तैयार की गई आय संबंधी रिपोर्ट को संबंधित गांव की ग्राम सभा के सामने रखा जाए। ग्राम सभा परिवार की वास्तविक आर्थिक स्थिति की पुष्टि करेगी और उसका निर्णय अंतिम माना जाएगा।
लंबित मामलों को एक महीने में निपटाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने परिवार पहचान पत्र से जुड़े लंबित आयु सत्यापन मामलों को भी जल्द निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का सत्यापन अतिरिक्त उपायुक्त के माध्यम से कराया जाए। जरूरत पड़ने पर आवेदक की सबसे बड़ी संतान की आयु को आधार मानकर भी आयु का निर्धारण किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को सभी लंबित मामलों का समाधान एक महीने के भीतर करने को कहा।
कृषि आय को लेकर भी मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
नायब सिंह सैनी ने यह भी स्पष्ट किया कि कृषि से होने वाली पांच लाख रुपये तक की वार्षिक आय के आधार पर किसी व्यक्ति या परिवार को उन सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं किया जाना चाहिए, जिनमें अधिकतम 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय की सीमा निर्धारित है।
इसके अलावा उन्होंने दयालु योजना में आधार लिंक से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी और अतिरिक्त उपायुक्त की संयुक्त कमेटी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने CRID और सेवा विभाग को आपसी तालमेल के साथ काम करने को कहा।
हरियाणा का परिवार पहचान पत्र मॉडल
बैठक में CRID अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा का परिवार पहचान पत्र प्लेटफॉर्म देश में एक अनूठा प्रयोग है। इसके तहत प्रदेश के सभी 23 जिलों में 77,41,912 परिवारों के करीब 2.98 करोड़ सदस्यों को पंजीकृत किया गया है। परिवार पहचान पत्र के माध्यम से 50 से अधिक विभागों को जोड़ा गया है और 400 से अधिक सरकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।
सरकार अब परिवार पहचान पत्र के लिए PPP 2.0 नाम से नया डेटा प्लेटफॉर्म तैयार करने की योजना पर भी काम कर रही है। इसके साथ ही नागरिकों को स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराने की तैयारी भी की जा रही है।