हरियाणा में स्कूलों की तस्वीर बदलेगी: सीएम सैनी ने जर्जर भवन हटाकर नए निर्माण के दिए सख्त आदेश
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के शिक्षा ढांचे को मजबूत और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सभी सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों को हटाकर नए भवनों के निर्माण के सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अब स्कूल भवन केवल मजबूती ही नहीं, बल्कि आधुनिक और आकर्षक डिजाइन के साथ बनाए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए स्कूल भवनों का निर्माण “लंबवत संरचना” (वर्टिकल स्ट्रक्चर) के रूप में किया जाए, जिससे भूमि का अधिकतम और प्रभावी उपयोग संभव हो सके। उन्होंने निर्देश दिया कि भवन निर्माण के बाद बची हुई जमीन को विद्यार्थियों के खेल मैदान के रूप में विकसित किया जाए, ताकि बच्चों के शारीरिक विकास को भी बढ़ावा मिल सके। यह निर्णय शिक्षा के साथ-साथ खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जर्जर भवनों में कक्षाओं पर पूर्ण रोक
सीएम सैनी ने वरिष्ठ अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि गर्मी की छुट्टियों के बाद राज्य के किसी भी सरकारी स्कूल में असुरक्षित या जर्जर भवनों में कक्षाएं संचालित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जहां तक संभव हो, नए भवनों के निर्माण पूरा होने तक छात्रों को नजदीकी सरकारी भवनों या आसपास के अन्य सरकारी स्कूलों में अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो।
वैकल्पिक व्यवस्था और स्थानांतरण के निर्देश
सरकार ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों की पहचान कर तुरंत प्रभाव से वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करें। छात्रों के सुरक्षित स्थानांतरण के लिए विस्तृत योजना तैयार करने को भी कहा गया है, ताकि किसी भी बच्चे की शिक्षा पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नए स्कूल भवनों के निर्माण के लिए निविदा (टेंडर) प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और सभी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य निर्माण की दिशा में एक मजबूत निवेश है।