हरियाणा में नौकरशाही में अस्थिरता बढ़ी, 24 घंटे मे

हरियाणा में 24 घंटे में फिर बदले IAS-IFS अधिकारियों के विभाग, सीएम सैनी के आदेशों ने बढ़ाई चर्चा

हरियाणा में 24 घंटे में फिर बदले IAS-IFS अधिकारियों के विभाग, सीएम सैनी के आदेशों ने बढ़ाई चर्चा

हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर एक बार फिर बड़ा बदलाव करते हुए केवल 24 घंटे के भीतर दो आईएएस और एक आईएफएस अधिकारी के विभाग बदल दिए हैं। लगातार जारी हो रहे तबादलों ने नौकरशाही में हलचल बढ़ा दी है और मुख्यमंत्री नायब सैनी की सक्रियता को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

सरकारी आदेशों के अनुसार, पहले गुरुवार रात जारी तबादला सूची में किए गए बदलावों को शुक्रवार को फिर संशोधित कर दिया गया, जिससे कई अधिकारियों की जिम्मेदारियां एक बार फिर बदल गईं।

हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी

प्रभजोत सिंह के विभाग में दूसरा बदलाव

आईएएस अधिकारी प्रभजोत सिंह को पहले तकनीकी शिक्षा महानिदेशक के पद से हटाकर परिवहन विभाग का महानिदेशक नियुक्त किया गया था। लेकिन शुक्रवार को जारी नई सूची में उन्हें फिर से बदलते हुए परिवहन विभाग से हटाकर पर्यावरण विभाग का महानिदेशक बना दिया गया।

इस तरह, सिर्फ 24 घंटे के भीतर प्रभजोत सिंह के विभाग में दो बार बदलाव किया गया।

एस. नारायण की जिम्मेदारियों में उलटफेर

आईएफएस अधिकारी एस. नारायण को गुरुवार को उच्च शिक्षा महानिदेशक के पद से हटाकर पर्यावरण विभाग का महानिदेशक बनाया गया था। लेकिन अगले ही दिन जारी नई तबादला सूची में उन्हें फिर से पर्यावरण विभाग से हटाकर उच्च शिक्षा महानिदेशक की जिम्मेदारी दे दी गई।

प्रतीकात्मक तस्वीर

इसके साथ ही उन्हें तकनीकी शिक्षा महानिदेशक का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है, जिससे उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं।

वीरेंद्र सिंह दहिया का विभाग भी बदला

इसी क्रम में आईएएस वीरेंद्र सिंह दहिया, जिन्हें पहले पर्यावरण विभाग से हटाकर उच्च शिक्षा महानिदेशक बनाया गया था, उन्हें शुक्रवार की सूची में फिर से बदल दिया गया। नई सूची के अनुसार, दहिया को अब उच्च शिक्षा विभाग से हटाकर परिवहन विभाग का महानिदेशक नियुक्त किया गया है।

पंचकूला प्रशासन में भी बदलाव

इसके अलावा पंचकूला के एसडीएम चंद्रकांत कटारिया को भूमि अधिग्रहण अधिकारी पंचकूला का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है, जिससे स्थानीय प्रशासनिक ढांचे में भी मामूली बदलाव देखने को मिला है।

बार-बार हो रहे इन तबादलों ने राज्य प्रशासनिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार बदलती जिम्मेदारियों को लेकर नौकरशाही में अस्थिरता की चर्चा भी तेज हो गई है। हालांकि सरकार की ओर से इन बदलावों को रूटीन प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है, लेकिन समय और आवृत्ति ने इसे खासा चर्चित बना दिया है।