JPSC भर्ती विवाद: झारखंड विधानसभा में जोरदार हंगामा, विपक्ष के विरोध के बीच सदन की कार्यवाही स्थगित
झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में शुक्रवार को JPSC भर्ती विवाद और छात्रों के आंदोलन को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायकों ने सदन के वेल में पहुंचकर नारेबाजी की और सरकार से भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर जवाब मांगा।
लगातार बढ़ते शोर-शराबे के कारण पहले सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित की गई और बाद में इसे सोमवार तक के लिए टाल दिया गया।
मुख्यमंत्री बोले- छात्रों से संवाद के लिए सरकार तैयार
हंगामे के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है और उनकी समस्याओं को समझते हुए भर्ती व्यवस्था में आवश्यक एवं व्यापक सुधार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं का विश्वास कायम रखना और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
कांग्रेस ने जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखने की अपील की
सदन में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि भर्ती विवाद की जांच चल रही है और सभी पक्षों को जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार अभ्यर्थियों से सीधे संवाद करेगी ताकि उनके मन में पैदा हुए संदेह दूर किए जा सकें और भर्ती प्रक्रिया के प्रति विश्वास बहाल हो सके।
शिक्षा मंत्री ने विपक्ष से पूछे पुराने सवाल
विधानसभा में शिक्षा मंत्री सुधीर कुमार ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि जो दल आज भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार को घेर रहे हैं, उन्हें पहले यह बताना चाहिए कि पहली और दूसरी JPSC परीक्षाओं के दौरान सामने आए विवादों पर उन्होंने क्या कदम उठाए थे। मंत्री के इस बयान के बाद विपक्ष का विरोध और तेज हो गया तथा सदन में हंगामा बढ़ गया।
भर्ती विवाद पर लगातार जारी है छात्र आंदोलन
राज्य में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक दल भी आमने-सामने हैं, जिससे विवाद और अधिक गरमा गया है।
सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बरकरार
विधानसभा में हुए घटनाक्रम से साफ है कि भर्ती परीक्षा विवाद अब केवल छात्रों का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह राज्य की राजनीति का प्रमुख विषय बन चुका है। एक ओर सरकार संवाद और सुधार का भरोसा दे रही है, वहीं विपक्ष इस मामले में सरकार पर दबाव बनाए रखने की रणनीति पर कायम है।