Gwalior Regional Industry Conclave: ग्वालियर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का शुभारंभ
Gwalior Regional Industry Conclave: ग्वालियर में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसे राज्य सरकार के द्वारा आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ-साथ कई बीजेपी सरकार के मंत्री, सांसद और विधायक भी शामिल हुए। यह कॉन्क्लेव ग्वालियर-चंबल अंचल में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम के उद्घाटन पर, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने क्षेत्र में निवेश के सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, “यह आयोजन ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक अहम कदम है। निवेशकों की मौजूदगी से इस क्षेत्र में व्यापार और उद्योग की वृद्धि होगी।”
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Gwalior Regional Industry Conclave: नरेंद्र सिंह तोमर का बयान
नरेंद्र सिंह तोमर ने पिछले 20 सालों में मध्य प्रदेश की विकास यात्रा को भी याद किया और बताया कि भाजपा सरकार में राज्य में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश अब एक सरप्लस बिजली राज्य है और ग्वालियर-चंबल अंचल में इसका पाज़िटिव असर देखा जा रहा है। यहां उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं।”
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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दी नसीहत
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस कॉन्क्लेव को राज्य में निवेश और विकास की संभावनाओं का लाभ उठाने का सुनहरा मौका बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन मध्य प्रदेश की औद्योगिक प्रगति में अहम भूमिका निभाएगा।
भारत सिंह कुशवाह ने दिया जोर
सांसद भारत सिंह कुशवाह ने भी ग्वालियर के औद्योगिक विकास पर जोर देते हुए क्षेत्रीय युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करने की बात की। उन्होंने कहा, “ग्वालियर में डिफेंस और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में उद्योग की बड़ी संभावनाएं हैं, जो इस क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती हैं।”
इस कॉन्क्लेव में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में भी चर्चा की गई। विधानसभा अध्यक्ष ने कृषि क्षेत्र में हुए प्रयासों को बताते हुए कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने हॉर्टिकल्चर बोर्ड, इंडो-इजराइल एक्सीलेंस सेंटर और हाईटेक नर्सरी जैसे कदम उठाए हैं।