Madhya Pradesh : यहां अंबेडकर आंदोलन को लेकर तनाव

ग्वालियर में अंबेडकर आंदोलन को लेकर अलर्ट, चप्पे - चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात

ग्वालियर में अंबेडकर आंदोलन को लेकर अलर्ट, चप्पे - चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात

Madhya Pradesh : यहां अंबेडकर आंदोलन को लेकर तनाव के मद्देनजर बुधवार को अलर्ट जारी कर दिया गया। इसके साथ ही सुरक्षाबलों और पुलिस के चार हजार जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा शहर की सीमाओं पर नाकाबंदी कर दी गई है। अंबेडकर प्रतिमा के विवाद में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई थी, हालांकि कुछ आंदोलनकारी संगठन पीछे हट गए हैं, लेकिन पुलिस अब भी दो अप्रैल के दंगों के मद्देनजर ऐहतियातन चप्पे चप्पे पर जवानों को तैनात कर ग्वालियर को छावनी में बदल दिया है।

 

छह महीने पुराना विवाद

छह महीने पहले ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। वकीलों का एक पक्ष चाहता था कि उच्च न्यायालय परिसर में प्रतिमा लगायी जाए लेकिन बार काउंसिल अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष समेत वकीलों का एक धड़ा इसके विरोध में था। नतीजा हाई कोर्ट परिसर में हंगामा हुआ और प्रतिमा विवाद बढ़ गया।

आपत्तिजनक टिप्पणी से मामले ने तूल पकड़ा

इस विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के कूदने से तूल पकड़ लिया। प्रतिमा लगाने के पक्षकार और विरोधी दोनों ही पक्षों में टिप्पणियां और शिकायतों का दौर शुरू हो गया। इसी बीच, बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष एड. अनिल मिश्रा ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। इसने आग में घी का काम किया। अंबेडकर समर्थकों और आजाद समाज पार्टी, भीम आर्मी समेत कई संगठनों ने 15 अक्टूबर को एक बड़े प्रदर्शन का ऐलान कर दिया। इसके चलते बुधवार को पूरा ग्वालियर छावनी में तब्दील कर दिया है।