ग्वालियर के परिवार ने अपनी खोई हुई पालतू तोता 'मिट

50 हजार का इनाम... फिर भी नहीं मिला 'मिट्ठू', ग्वालियर का पूरा परिवार परेशान

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ग्वालियर के अलकापुरी-कलेक्ट्रेट रोड इलाके में इन दिनों एक परिवार की सबसे बड़ी चिंता कोई सामान या संपत्ति नहीं, बल्कि उसका बिछड़ा हुआ पालतू तोता है। करीब एक साल से परिवार के साथ रह रही मादा तोता 'शकुंतला' उर्फ 'मिट्ठू' अचानक घर से उड़ गई। कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन उसका अब तक कोई सुराग नहीं मिला। परिवार ने उसे सुरक्षित वापस लाने वाले के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।

बस एक खुली खिड़की... और ओझल हो गई मिट्ठू

परिवार के सदस्य अनिल ओझा बताते हैं कि घटना वाले दिन घर की एक खिड़की खुली रह गई थी। मौका मिलते ही मिट्ठू उड़कर बाहर निकल गई। पहले तो सभी को लगा कि वह रोज की तरह थोड़ी देर में वापस आ जाएगी, क्योंकि वह पहले भी घर के आसपास उड़कर लौट आती थी। लेकिन इस बार इंतजार लंबा होता गया और मिट्ठू वापस नहीं आई।

पोस्टर लगे, ई-रिक्शा से हो रही मुनादी

परिवार ने अब मिट्ठू को ढूंढ़ने के लिए बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। शहर के कई इलाकों में उसकी तस्वीर वाले पोस्टर लगाए गए हैं। ई-रिक्शा के जरिए लगातार मुनादी कर लोगों से अपील की जा रही है कि यदि कहीं यह तोता दिखाई दे तो तुरंत सूचना दें। परिवार इस अभियान पर अब तक हजारों रुपये खर्च कर चुका है।

पालतू नहीं, परिवार की धड़कन थी मिट्ठू

मिट्ठू किसी पिंजरे में कैद रहने वाला पक्षी नहीं थी। वह पूरे घर में खुलेआम घूमती थी, परिवार के हर सदस्य से घुल-मिल गई थी और घर की दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी थी। शायद यही वजह है कि उसके जाने के बाद घर का माहौल पूरी तरह बदल गया है।परिवार का कहना है कि मिट्ठू के जाने का सबसे गहरा असर घर की बुजुर्ग महिला और छोटी बच्ची पर पड़ा है। दोनों हर दिन उसकी राह देखती हैं। परिवार को विश्वास है कि यदि लोगों का सहयोग मिला तो मिट्ठू जल्द अपने घर लौट आएगी।

50 हजार रुपये का इनाम

परिवार ने अपील की है कि यदि किसी को मिट्ठू दिखाई दे या उसके बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत संपर्क करें। सही सूचना देकर उसे सुरक्षित घर पहुंचाने वाले व्यक्ति को 50 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। परिवार का कहना है कि उनके लिए इनाम से ज्यादा मायने मिट्ठू की सुरक्षित वापसी रखती है।