गोल्डन टेंपल में विवाद, CM भगवंत मान की तस्वीर वाले पहचान पत्र पर आपत्ति
अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में नया विवाद हो गया है। यहां मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत पंजाब के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान की तस्वीर वाले पहचान पत्र पहनकर पहुंचे श्रद्धालुओं के गले से पहचान पत्र उतरवा दिए गए।
पहचान पत्रों पर आपत्ति
गोल्डन टेंपल में मौजूद सेवादारों ने इन पहचान पत्रों पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से CM भगवंत मान को पंथ दोखी घोषित किया गया है, इसलिए उनकी तस्वीर वाले पहचान पत्र पहनकर गुरु घर में प्रवेश नहीं कर सकते। इसके बाद सेवादारों ने श्रद्धालुओं के गले से पहचान पत्र उतरवा दिए।
CM मान विरोधी घोषित
वहीं, तीर्थ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि ये पहचान पत्र उन्हें सरकारी व्यवस्था के तहत दिए गए। उनका कहना था कि उनका लक्ष्य केवल श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकना और दर्शन करना था। बता दे सिख कौम की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त साहिब ने 15 जून को पंजाब के CM भगवंत मान को पंथ दोषी (दोखी) और गुरु विरोधी घोषित किया। यह फैसला अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने अमृतसर में गोल्डन टेंपल परिसर स्थित अकाल तख्त सचिवालय की फसील से सुनाया।
शराब वाली वायरल वीडियो
इस फैसले के पीछे CM भगवंत मान की कथित शराब वाली वायरल वीडियो का हवाला दिया गया। फैसला सुनाने के दौरान जत्थेदार गड़गज ने कहा- वायरल Video की फॉरेंसिक लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद सामूहिक तौर पर सिखों ने कार्रवाई के लिए कहा था। अकाल तख्त जत्थेदार ने कहा- इस पर सिखों के पांचों तख्तों के सिंह साहिबानों ने मीटिंग कर इस मुद्दे पर बात की और मान को गुरु विरोधी और खालसा पंथ विरोधी करार दिए जाने का फैसला लिया था। पूरा खालसा पंथ और गुरु नामलेवा अब CM मान को मुंह न लगाए।