सरकारी जमीन की फर्जी रजिस्ट्री मामले में कोटवार निलंबित, पटवारी की भूमिका भी जांच के घेरे में
गरियाबंद।जिले के बजाड़ी क्षेत्र में सरकारी मद की जमीन की कथित फर्जी रजिस्ट्री के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में चिचिया के कोटवार मोतीलाल की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद देवभोग तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने उसे निलंबित कर दिया है। वहीं इस पूरे मामले में तत्कालीन हल्का पटवारी की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
क्रेता, विक्रेता और गवाहों से हुई पूछताछ
सरकारी मद से आबंटित भूमि की रजिस्ट्री से जुड़े इस मामले में तहसील कार्यालय में पहली सुनवाई हुई। इस दौरान तहसीलदार ने जमीन खरीदने वाले व्यक्ति, विक्रेता, गवाहों और स्टांप वेंडर के बयान दर्ज किए। मामले की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू की थी। अब जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ रहे हैं।
कोटवार पर गलत तरीके से रजिस्ट्री में सहयोग का आरोप
जांच में सामने आया कि चिचिया के कोटवार मोतीलाल ने बजाड़ी हल्का क्षेत्र की जमीन का मद परिवर्तन कराने में भूमिका निभाई थी। आरोप है कि जमीन की वास्तविक स्थिति की जानकारी होने के बावजूद वह रजिस्ट्री प्रक्रिया में गवाह बना। तहसीलदार के अनुसार, कोटवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद एकतरफा कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमीन बिक्री का आरोप
जांच के अनुसार, बजाड़ी हल्का की करीब ढाई एकड़ सरकारी जमीन कैटपदर निवासी हरिसिंह के नाम दर्ज थी। आरोप है कि बजाड़ी निवासी भंवर सिंह ने इस जमीन को उरमाल निवासी शांतिलाल जैन को कर्ज के बदले बेच दिया। इसके लिए जमीन की प्रकृति और संबंधित दस्तावेजों में कथित रूप से बदलाव किया गया।
फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेजों का इस्तेमाल
मामले में आरोप है कि पड़ोसी के आधार नंबर का इस्तेमाल कर हरिसिंह के नाम से फर्जी आधार कार्ड तैयार किया गया। इसी आधार पर कोटवार की गवाही में जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई। हालांकि नामांतरण प्रक्रिया से पहले ग्राम सरपंच ने इश्तहार पर आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद नामांतरण रोक दिया गया।
पटवारी सहित अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी
प्रशासन अब मामले में जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रहा है। तत्कालीन पटवारी भी जांच के घेरे में हैं, क्योंकि जमीन का पता और मद परिवर्तन की प्रक्रिया में उनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों और सहयोग करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
जमीन खरीद-फरोख्त के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
जांच में यह भी सामने आया है कि जमीन खरीददार ने पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में रजिस्ट्रियां कराई हैं। प्रशासन अब संबंधित व्यक्ति के पुराने रिकॉर्ड और जमीन सौदों की जानकारी जुटा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।