भोपाल। मामले की सुनवाई के लिए केस डायरी और अन्य दस

सीएमआईएस, ईआरपी साफ्टवेयर  विकसित न्याय की राह हुई आसान

सीएमआईएस, ईआरपी साफ्टवेयर  विकसित न्याय की राह हुई आसान

थाने से सीधे हाईकोर्ट पहुंचेगा मामला

भोपाल। मामले की सुनवाई के लिए केस डायरी और अन्य दस्तावेज कोर्ट पहुंचने में देरी होती है। इससे न्याय की राह लोगों तक देर से पहुंचती है। इसी क्रम में  विशेष पहल की गई है।

हाईकोर्ट में लंबित मामलों की सुनवाई  के दौरान केस डायरी सहित अन्य दस्तावेज की आनलाइन कम्यूनिकेशन सिस्टम के प्रयोग से कम किया जा सकेगा। इस कम्युनिकेशन सिस्टम (ओसीएस)में जमानत  अवधि की सुनवाई में केस डायरी, संबंधित अफसर के रिमार्क आदि पहुंचने में समय लग जाता है। इसी को देखते हुए कोर्ट ने नई पहल कीहै। प्रदेश में कई जगह इसका परीक्षण किया गया है। इस संबंध में व्यवस्था इंदौर खंडपीठ ने शुरु की। प्रदेश मे कई जिलों में इसका सफल प्रयोग होने पर इसे सभी पुलिस स्टेशनों में लागू करने की योजना है। पूरे सिस्टम की निगरानी के लिए एक डैशबोर्ड भी शुरू किया गया है। मालूम हो कि हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा के आने के बाद आईटी से जुड़े प्रोजेक्ट में तेजी आई है।इस संबंध में कई साफ्टवेयर विकसित किये गये हैं।