पठानकोट के बमियाल में जलाली दरिया उफान पर, खेत जलमग्न; सड़क बंद होने से बढ़ी परेशानी
पंजाब में लगातार हो रही बारिश का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। पठानकोट जिले के सीमावर्ती क्षेत्र बमियाल में भारी बारिश के बाद जलाली दरिया का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। नदी में पानी का बहाव तेज होने से आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जलाली दरिया ने एक बार फिर विकराल रूप धारण करते हुए आसपास के खेतों और निचले इलाकों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है।
कई एकड़ खेतों में भरा पानी, धान की फसल को नुकसान
जलाली दरिया का पानी खेतों में घुसने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है, जिससे धान की फसल प्रभावित हुई है। किसानों के खेतों में लगे सोलर पंप, ट्यूबवेल और अन्य कृषि उपकरण भी पानी में डूब गए हैं। किसानों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहा और नदी का जलस्तर बढ़ा तो फसलों के साथ-साथ कृषि उपकरणों को भी बड़े स्तर पर नुकसान हो सकता है।
पिछले साल भी मचा चुका है जलाली दरिया कहर
स्थानीय लोगों के अनुसार, जलाली दरिया ने पिछले साल भी सीमावर्ती क्षेत्र बमियाल, मुठ्ठी और रमकालमा सहित कई गांवों में भारी तबाही मचाई थी। उस दौरान बमियाल से दीनानगर और पठानकोट को जोड़ने वाली सड़क पर बने पुल को भी काफी नुकसान पहुंचा था। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की थी, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी पुल पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है।
जलभराव के कारण पठानकोट जाने वाला मार्ग बंद
बारिश के बाद जलाली दरिया का पानी पुल के रास्ते से गुजरने लगा, जिसके कारण बमियाल से पठानकोट जाने वाला मुख्य मार्ग बंद हो गया। सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों, विद्यार्थियों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं मंगवाल मोड़, रमकालमा और आसपास के क्षेत्रों की सड़कों पर भी पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित रहा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की मदद की मांग
हालात बिगड़ने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द राहत और स्थायी समाधान की मांग की है। लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान जलाली दरिया परेशानी का कारण बनता है। ऐसे में पुल निर्माण और नदी किनारे सुरक्षा इंतजामों को जल्द पूरा किया जाना जरूरी है, ताकि भविष्य में होने वाले नुकसान को रोका जा सके।