जुलाई में अल-नीनो का असर! देश के अधिकांश हिस्सों में कम बारिश का अनुमान, लेकिन मध्य प्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार
IMD का जुलाई पूर्वानुमान: अल-नीनो से बारिश पर पड़ेगा असर
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जुलाई महीने के लिए जारी अपने ताजा पूर्वानुमान में चेतावनी दी है कि अल-नीनो की स्थिति जुलाई के दौरान और मजबूत हो सकती है, जिससे देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून को प्रभावित करने वाली अन्य वैश्विक और क्षेत्रीय परिस्थितियां भी फिलहाल पूरी तरह अनुकूल नहीं हैं।हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत, उत्तर-पूर्व भारत, पूर्वी-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
जून में भी कम बरसे बादल, जुलाई को लेकर बढ़ी चिंता
मौसम विभाग के अनुसार जून महीने में देश के बड़े हिस्से में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी। ऐसे में यदि जुलाई में भी वर्षा कम रहती है तो इसका असर कृषि, जलाशयों और पेयजल उपलब्धता पर पड़ सकता है।IMD ने यह भी कहा है कि जुलाई में देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। केवल पश्चिम-मध्य भारत के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रह सकता है।
मध्य प्रदेश के लिए राहत, मानसून हुआ सक्रिय
वैश्विक स्तर पर अल-नीनो की चुनौती के बीच मध्य प्रदेश के लिए राहत की खबर है। मंगलवार से प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ वर्तमान में इंदौर, सागर और सीधी से होकर गुजर रही है, जिससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हो रही है।राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में अगले दो दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। फिलहाल केवल उत्तरी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में ही मानसून का इंतजार है।