घर में चाहते हैं सुख-शांति? ये 3 मूर्तियाँ न रखें पूजा घर में, वरना रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी
न्यूज़11 भारत रांची/डेस्क: वास्तु शास्त्र का हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है. यह माना जाता है कि यदि घर का निर्माण वास्तु के सिद्धांतों के अनुसार किया गया हो, तो वहां सुख, समृद्धि और खुशहाली का निवास होता है. इसके विपरीत, यदि घर में वास्तु दोष हो, तो यह जीवन में अनेक समस्याओं का कारण बन सकता है. विशेष रूप से घर का पूजा स्थल, जिसे मंदिर कहा जाता है, वास्तु में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है. मंदिर की दिशा, पूजा करने वाले का मुख और वहां रखी जाने वाली मूर्तियों का चयन, ये सभी बातें ध्यान में रखना आवश्यक है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, कुछ मूर्तियों को घर के मंदिर में रखने से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है और नकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सकता है. आइए जानते हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार कौन-सी मूर्तियां घर में नहीं रखनी चाहिए.
प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्ति घर में नहीं रखें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में भगवान गणेश जी की मूर्ति रखने के लिए कुछ विशेष नियम हैं. मंदिर में नाचते हुए या प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी गणेश जी की मूर्ति नहीं रखनी चाहिए. हमेशा बैठी हुई और आशीर्वाद देती गणेश जी की मूर्ति को शुभ माना जाता है. इस प्रकार की मूर्ति रखने से घर में सुख, समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि होती है.
घर में इन देवी-देवताओं की मूर्ति न रखें
घर के पूजा स्थल में काली मां, राहु-केतु और शनि देव की मूर्तियों का स्थान नहीं होना चाहिए. ये देवता उग्र स्वभाव के माने जाते हैं और इनकी पूजा विशेष विधियों के अनुसार करनी होती है. यदि इनकी पूजा गलत तरीके से की जाए, तो यह जीवन में संकट और समस्याएं उत्पन्न कर सकती हैं. इसलिए, घर के मंदिर में केवल शांत और सौम्य स्वरूप वाली मूर्तियों का ही होना उचित है.
मंदिर में न रखें मृत परिजनों की तस्वीर वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर के मंदिर में मृत परिजनों की तस्वीर या मूर्ति रखना उचित नहीं है, क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. मृत परिजनों की पूजा केवल पितृ पक्ष के दौरान ही करनी चाहिए, अन्यथा नियमित पूजा से परिवार में बाधाएं और मानसिक तनाव उत्पन्न हो सकता है. इसके अलावा, मंदिर में मृत परिजन के साथ किसी साधु या संत की तस्वीर या मूर्ति भी नहीं रखनी चाहिए.