Madhya Pradesh : भोपाल। यहां के नरेला विस के बूथ न

भोपाल में शिक्षक संघ के दफ्तर पहुंचे दिग्विजय सिंह, वहां वोटर लिस्ट में 30 मतदाता दर्ज

भोपाल में शिक्षक संघ के दफ्तर पहुंचे दिग्विजय सिंह, वहां वोटर लिस्ट में 30 मतदाता दर्ज

Madhya Pradesh : भोपाल। यहां के नरेला विस के बूथ नंबर 189 में मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के दफ्तर में 30 मतदाता के नाम सूची में दर्ज पाए गये। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने काग्रेस कार्यकर्ता के साथ मकान नंबर 70 (मप्र शिक्षक संघ का दफ्तर) पहुंचे और बीएलओ से सवाल-जवाब किए।

दिग्विजय सिंह ने जब मतदाता सूची में दर्ज नाम का मिलान करना शुरू किया तो चौकाने वाला तथ्य सामने आया। करीब 1250 वर्ग फुट के मकान में 30 लोगों के नाम मतदाता सूची में दर्ज थे। दिग्विजय सिंह ने बीएलओ से सवाल-जवाब किया तो उन्होंने स्वीकारा कि इस मकान में दर्ज मतदाता भौतिक रूप से अब तक उन्हें नहीं मिले। 

दिग्विजय सिंह ने मकान के अंदर जाकर जब पूछताछ शुरू की तो वहां गौतम आर्य नाम का एक व्यक्ति मिला। गौतम आर्य ने खुद को ग्लालियर का निवासी बताया और कहा, वे आरएसएस के शाखा प्रशिक्षक  कि हैसियत से यहां रहते हैं। यह वही  जगह है, जहां आरएसएस की बैठकें अक्सर होती है। 

दिग्विजय सिंह ने कहा, इससे स्पष्ट होता है कि जहां आरएसएस की बैठकें हो रही है, वहां इस तरह का बड़ा फर्जीवाड़ा हो रहा है। उन्होंने पूछा-इस गंभीर धांधली का दोष किसे दिया जाए। पूरी एसआईआर प्रक्रिया ही दोषपूर्ण है। 

याद रहे कि पूर्व मुख्यमंत्री मतदाता सूची की फर्जीवाड़ा औऱ बीएलओ को एसआईआर प्रक्रिया में जिम्मेदारी सौपे जाने पर लगातार सवाल खड़े कर  रहे हैं। इससे पहले शुक्रवार को दिग्विजय सिंह ने बताया कि भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र के एक घर में वास्तविक मतदाता 4 हैं, लेकिन मतदाता सूची में 108 नाम दर्ज है।

दिग्विजय सिंह ने कहा, हम चुवान आयोग से मांग करते हैं कि साल 2023 और 2025 में जो भी बीएलओ, एईआरओ और रिटर्निंगआफिसर रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करनी चाहिये। इन लोगों ने फर्जी मतदाताओं के नाम सूची में डाले हैं।

दिग्विजय सिंह ने कहा, नरेला विधानसभा के बूथ नंबर 189 का ये मकान नंबर 70 है। यह मप्र शिक्षक संघ का प्रांतीय कार्यालय है। ऊपर आरएसएस का भी पथ संचालन का बोर्ड लगा है। ऊपर कोई एकेडमी चलती है, लेकिन वहां मौके पर कुछ नहीं था मैने खुद वहां जाकर देखा है। मैने घर में घूमकर देखा। यहां की बीएलओ प्रतिमा भिलबारे के पहले जो बीएलओ थे, वो हज यात्रा पर गई हैं।

यहां सुपरवाइजर भी बदल गये हैं। यहां के सुपरवाइजर रमेश जैन फोन नहीं उठा रहे हैं। एसडीएम जो एआरओ हैं, उनसे मेरी फोन पर बात हुई है। उन्होंने कहा कि पटवारी को भेजते हैं। हमने कहा हमें पटवारी से लेना-देना नहीं है। हमें बीएलओ, सुपरवाइजर, एआरओ से मुलाकात करनी है, क्योकि 2025 में जो मतदाता सूची हमें मिली है उस सूची में इस मकान में 30 लोग के नाम लिखे हुए हैं। जबकि सिर्फ एक वोटर इस मकान में रहता है। 29 फर्जी मतदाता के नाम यहां लिखे हुए हैं। 

दिग्विजय सिंह ने कहा- इंडिया में चावल पका कि नहीं, तो एक चावल टटोलकर देखते हैं। अब आप समझ सकते हैं कि एक मकान में जहां 30 मतदाता के नाम हैं, वहां केवल एक मतदाता रहता है। यह मप्र शिक्षक संघ आरएसएस का कार्यालय है और वहां पर जो व्यक्ति गौतम आर्य रहते हैं, वे संघ के शखा प्रशिक्षक हैं। 

दिग्विजय सिंह ने कहा, जहां आरएसएश की बैठक होती है  वहां फर्जीवाड़ा हो रहा है। इसका दोष किसके उपर जाएगा। किसको दोष दें। पूरी एसएईआर प्रक्रिया दोषपूर्ण है। यह कांग्रेस कार्यकर्ता की सक्रियता है जिसकी वजह से हम इसको पकड़ पाए। हमारा अंदाजा है कि पूरे भोपाल में 25 फीसदी फर्जी मतदाताओं के सूची में फर्जी नाम हैं। 

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