धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर CM डॉ मोहन यादव का बड़ा बयान, बोले- उनके कार्यों का मैं खुद साक्षी रहा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर की तरह मध्य प्रदेश में भी राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनके कार्यकाल को शिक्षा सुधार, छात्र हित और संगठन के प्रति समर्पण का उदाहरण बताते हुए उनकी भूमिका की सराहना की है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में संगठन की विचारधारा और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी तथा हर दायित्व को पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निभाया।
सीएम मोहन यादव बोले- मैं उनके कार्यों का साक्षी रहा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धर्मेंद्र प्रधान के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार किए, जिनका लाभ देशभर के विद्यार्थियों को मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं धर्मेंद्र प्रधान के कार्यों के साक्षी रहे हैं और उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए। सीएम ने कहा कि संगठन और सरकार में मिले हर दायित्व को प्रधान ने पूरी निष्ठा, दक्षता और समर्पण के साथ निभाया, जिससे शिक्षा क्षेत्र में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिले।
बीजेपी नेताओं ने गिनाए योगदान
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने धर्मेंद्र प्रधान की राजनीतिक यात्रा का उल्लेख किया। नेताओं ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता के रूप में शुरुआत करने वाले धर्मेंद्र प्रधान ने संगठन की विचारधारा को आत्मसात करते हुए राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। उनका मानना है कि छात्र हित, शिक्षा सुधार और संगठन के प्रति समर्पण उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी पहचान रही है।
कैलाश विजयवर्गीय ने राष्ट्रहित को बताया सर्वोपरि
प्रदेश के वरिष्ठ बीजेपी नेता एवं कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कहा कि सार्वजनिक जीवन में कई बार ऐसे अवसर आते हैं, जब व्यक्ति को पद से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि कुछ शक्तियां लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रही थीं, ऐसे समय में धर्मेंद्र प्रधान ने देशहित को सर्वोपरि मानते हुए त्यागपत्र देने का निर्णय लिया। विजयवर्गीय ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और संगठनात्मक मर्यादा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया।
संगठन और राष्ट्र के प्रति समर्पण की चर्चा
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बीजेपी नेताओं ने एक स्वर में उनके संगठनात्मक अनुभव, प्रशासनिक क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की सराहना की। पार्टी नेताओं का कहना है कि उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास और छात्र कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभाई। उनका मानना है कि धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक जीवन कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनका योगदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने एक्स हेंडल पर लिखा:
आपने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा, मातृभाषा आधारित शिक्षा, कौशल विकास एवं गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को नई दिशा और सुदृढ़ आधार प्रदान किया।
छात्र हित एवं शिक्षा सुधार के लिए आपके द्वारा किए गए कार्यों का मैं साक्षी रहा हूं। भारत के शिक्षा क्षेत्र में आपका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
राष्ट्र निर्माण की आपकी यह यात्रा नई ऊँचाइयों को प्राप्त करें। आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।