आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने मंदिरों में फंड

आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर बोले-मंदिरों के फंड का हुआ गलत इस्तेमाल, अमरनाथ यात्रा की पवित्रता पर दिया जोर

आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर बोले-मंदिरों के फंड का हुआ गलत इस्तेमाल, अमरनाथ यात्रा की पवित्रता पर दिया जोर

अब आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने मंदिरों में कथित गबन और अमरनाथ यात्रा को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों में चोरी पर अधिक ध्यान देने से सनातन धर्म की बदनामी हो सकती है।  

उन्होंने आगे कहा कि 

ठाकुर ने 'सनातन बोर्ड' बनाने का सुझाव दिया। यह बोर्ड वक्फ बोर्ड की तरह काम करेगा। इसमें चार शंकराचार्य, पांच वैष्णवाचार्य और अन्य धार्मिक नेता शामिल होंगे। इस फंड का उपयोग गरीब लोगों की मदद, आधुनिक गुरुकुलों को सहारा देने और गौ-सेवा के लिए किया जा सकता है। इससे भारत विश्व-गुरु बन सकता है। उन्होंने कहा कि पैसे के पीछे भागने वाले ही चोरी या गबन करते हैं। रायपुर में कई आदिवासी पैसे की कमी से दूसरे धर्म अपना लेते हैं। मंदिर के फंड का उपयोग उनकी सेवा के लिए होना चाहिए। 

सनातन बोर्ड की आवश्यकता

देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि सनातन बोर्ड ही सही समाधान है। धर्म से जुड़े मामले संतों और धार्मिक नेताओं के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। यह जिम्मेदारी उन्हें सौंपनी चाहिए। जब धार्मिक नेता समाज की सेवा में खुद को समर्पित करेंगे, तो चोरियां बंद हो जाएंगी। सनातन बोर्ड के जरिये सनातन परंपरा और भी फलेगी-फूलेगी।

अमरनाथ यात्रा पर सुझाव

अमरनाथ यात्रा को लेकर देवकीनंदन ठाकुर ने बढ़ती भीड़ पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बाबा अमरनाथ का शिवलिंग जल्दी ओझल हो गया। इसका मतलब है कि यात्रा की पवित्रता और मर्यादा का पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने सनातनियों से तीर्थ स्थल को पवित्र तीर्थ मानने की अपील की। इसे सिर्फ घूमने-फिरने की जगह न समझें। पिकनिक मनाने या गर्मी से बचने के लिए वहां न जाएं। वहां तभी जाएं जब मन पवित्र हो और महादेव के धाम जाने की सच्ची पुकार हो। उन्होंने भीड़ को लेकर संयम बरतने को कहा। हो सके तो पूरे परिवार के बजाय घर से सिर्फ एक व्यक्ति ही यात्रा पर जाए।