एक और बच्चे की गई जान, दो हैं अभी भर्ती
जानलेवा कोल्ड्रिफ सिरप का कोहराम जारी
एक और बच्चे की गई जान, दो हैं अभी भर्ती
मुरार जिला अस्पताल के सिरफ में कीड़े मिले
अब तक 24 बच्चों की मौत हुई
छिंदवाड़ा। जानलेवा कफ सिरप से बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है। इस क्रम में एक और बच्चे की जान चली गई। बुधवार को चौराई की तीन साल छह माह की अंबिका विश्वकर्मा की नागपुर में इलाज चल रह था। इस दौरान बुधवार को उसकी हालत गंभीर हो थी और बाद में उसकी मौत हो गई। मालूम हो कि अब तक इस सिरप से 24 बच्चे की जान जा चुकी है। उधर दो और बच्चे की मौत हुई है लेकिन प्रशासन ने इसकी मौत की पुष्टि नहीं की है।
जानकारी के मुताबिक, अंबिका को 14 सितंबर को नागपुर ले जाया गया था। वहीं उसकी किडनी फेल पाई गई। दो और बच्चे नागपुर में भर्ती हैं।
इस बीच ड्रग कंट्रोलर ने ड्रग इंस्पेक्टर आकांक्षा रघुवंशी को नोटिस दिया है। आकांक्षा पर लापरवाही बरतने का आरोप है। उधर, प्रदेश के दूसरे शहरों में भी कड़ाई बरती जा रही है। ग्वालियर में भी इस दवा के प्रयोग पर रोक लगा दी गई है। सिविल सर्जन ने सभी दवा दुकानों को स्टोर में दवा जमा करने का आदेश दिया है। मरीजों के परिजनों को भी इसका प्रयोग नहीं करने के लिए कहा गया है।
इस बीच, सिरप निर्माता कंपनी के मालिक रंगनाथन के बाद केमिकल एनालिस्ट के. महेश्वरी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मालूम हो कि सिरफ की लैब में परीक्षण की जिम्मेदारी महेश्वरी की ही थी।
इस बीच, मुरार के जिला अस्पताल में एजीथ्रोमासिन सिरप में कीड़े मिले हैं। 306 बोतलों को जांच के लिए कोलकाता भेजा गया है। इधर, कफ सिरप को लेकर डब्लूएचओ की चेताबनी के बाद केंद्र ने ड्रग रेगुलेशन को कानूनी रूप से मजबूत करने की पहल तेज कर दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ऐसे कानून बनाने की तैयारी में है कि ड्रग कंट्रोल आर्गेनाइजेशन को कानूनी अधिकार मिलेगा। इससे कार्रवाई, रिकाल में आसानी हो जाएगी।