दतिया विधानसभा उपचुनाव के दौरान वायरल हुए एक फर्जी

दतिया उपचुनाव: मतदान के बीच भाजपा का कथित फर्जी पत्र वायरल, सियासत गरमाई

दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए गुरुवार सुबह मतदान शुरू होते ही एक कथित फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। यह पत्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के लेटरहेड पर तैयार किया गया बताया जा रहा है। वायरल पत्र में दावा किया गया कि दतिया भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा को अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया गया है। हालांकि पत्र पर न तो कोई तारीख दर्ज है और न ही कोई आधिकारिक क्रमांक, जिससे इसकी प्रमाणिकता पर शुरुआत से ही सवाल उठने लगे।

रघुवीर कुशवाहा बोले- यह पूरी तरह साजिश

वायरल पत्र सामने आने के बाद जिला भाजपा अध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा ने इसे पूरी तरह फर्जी और राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि उनका निष्कासन नहीं हुआ है और विरोधी उपचुनाव के दौरान भाजपा की छवि खराब करने के उद्देश्य से इस तरह की अफवाह फैला रहे हैं। कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और साइबर सेल से कर दी है। उन्होंने कहा कि वे पूरी निष्ठा के साथ भाजपा के लिए काम कर रहे हैं और दतिया उपचुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय हैं।

भाजपा ने पत्र को बताया फर्जी

भाजपा के स्थानीय पदाधिकारियों ने भी वायरल पत्र को पूरी तरह फर्जी बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष कार्यालय की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आधिकारिक पत्र में दिनांक, क्रमांक और विधिवत प्रक्रिया का पालन किया जाता है, जबकि वायरल पत्र में इनमें से कोई भी तथ्य मौजूद नहीं है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह पता लगाने के लिए आंतरिक स्तर पर भी जांच की जा रही है कि फर्जी पत्र किसने तैयार किया और इसके पीछे क्या उद्देश्य था।

साइबर सेल ने शुरू की जांच

जिला भाजपा इकाई की शिकायत के बाद पुलिस और साइबर सेल ने वायरल पत्र की जांच शुरू कर दी है। भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी ने कहा कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर पार्टी नेताओं की छवि धूमिल करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदान के दिन इस तरह का पत्र वायरल करना मतदाताओं और कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश हो सकती है। फिलहाल भाजपा ने कार्यकर्ताओं और आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचना को ही सही मानें।