चितरंगी में 200 स्टूडेंट्स ने तिरंगा यात्रा में भा

तिरंगा यात्रा में 12 छात्रों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

तिरंगा यात्रा में छात्रों की तबीयत बिगड़ी

चितरंगी में 200 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने निकाली 6 किमी तिरंगा यात्रा; छात्रों ने पानी-नाश्ता नहीं मिलने का लगाया आरोप, एक छात्रा को सांस लेने में हुई परेशानी सिंगरौली के चितरंगी में तिरंगा यात्रा के दौरान 12 छात्रों की तबीयत बिगड़ गई। छात्रों ने चक्कर आने और कमजोरी की शिकायत की। एक छात्रा को सांस लेने में परेशानी होने पर उसे ऑक्सीजन भी लगानी पड़ी। सभी बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां इलाज के बाद करीब एक घंटे में छुट्टी दे दी गई।

मामला बुधवार दोपहर का है, जिसका वीडियो गुरुवार को सामने आया। तिरंगा यात्रा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह भी शामिल हुईं। यात्रा सुबह 9 बजे शुरू हुई और करीब साढ़े 11 बजे खत्म हुई। इसमें सांदीपनि विद्यालय, सरस्वती विद्यालय, एक्सीलेंस स्कूल समेत 8 स्कूलों के 200 से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।

6 किलोमीटर पैदल चलने के बाद एक घंटे इंतजार

11वीं के छात्र मनोज सिंह चौहान ने बताया कि छात्रों को करीब 6 किलोमीटर दूर से पैदल चलकर चितरंगी बाजार पहुंचना पड़ा। इसके बाद करीब एक घंटे तक मंत्री के इंतजार में धूप और उमस में खड़ा रहना पड़ा। छात्र का आरोप है कि इस दौरान उन्हें पानी और नाश्ता नहीं दिया गया। मनोज के मुताबिक, सुबह करीब 9 बजे मंत्री राधा सिंह पहुंचीं। उन्होंने तिरंगा यात्रा को रवाना किया और फिर वाहन से सीधे समापन स्थल बस स्टैंड की ओर चली गईं। छात्रों को इसके बाद भी पैदल यात्रा करनी थी।

यात्रा शुरू होते ही बिगड़ने लगी तबीयत

छात्रों के अनुसार, यात्रा शुरू होने के बाद कुछ छात्राओं को चक्कर आने लगे और वे गिरने लगीं। कई अन्य छात्रों ने भी कमजोरी और तबीयत खराब होने की शिकायत की। इसके बाद स्कूल के शिक्षकों ने ऑटो की मदद से बीमार बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। मनोज ने बताया कि स्कूल की ओर से बच्चों को छोटी पानी की बोतल और 5 रुपए वाला बिस्किट का पैकेट दिया गया था। छात्र गौरव सिंह चौहान ने भी कहा कि बड़ी संख्या में बच्चों के शामिल होने के बावजूद पानी और नाश्ते की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।

मंत्री बोलीं- तेज धूप में पानी पीने से बिगड़ी तबीयत

मामले पर मंत्री राधा सिंह ने कहा कि धूप काफी तेज थी और बच्चे पैदल तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि बच्चे उत्साह में तेज चल रहे थे और रास्ते में कई जगह पानी की व्यवस्था की गई थी। मंत्री के मुताबिक, तेज धूप में पानी पीने की वजह से कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ी। उन्होंने किसी तरह की लापरवाही से इनकार करते हुए कहा कि अब सभी बच्चे स्वस्थ हैं। राधा सिंह ने बताया कि उन्हें भी तेज धूप के कारण कमजोरी महसूस हुई थी।

DEO ने SDM को बताया नोडल अधिकारी

जिला शिक्षा अधिकारी कविता त्रिपाठी ने कहा कि तिरंगा यात्राओं के लिए स्थानीय एसडीएम मान सिंह को नोडल अधिकारी बनाया गया है। DEO के मुताबिक, शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी केवल बच्चों को यात्रा में भेजने की थी। एसडीएम मान सिंह से मामले को लेकर बातचीत करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन बंद मिला।

सभी बच्चों को इलाज के बाद मिली छुट्टी

ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. हरिशंकर बस ने बताया कि 12 बच्चे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। सभी का इलाज किया गया और करीब एक घंटे बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। उन्होंने बताया कि एक छात्र की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री थी, जिसके चलते उसे ऑक्सीजन देनी पड़ी। फिलहाल सभी बच्चों की हालत ठीक बताई गई है।