छिंदवाड़ा जनसुनवाई में अजीब मामला: भीख मांगने के लिए ट्राइसाइकिल मांगने पर प्रशासन ने शुरू कर दी स्वीकृति की प्रक्रिया
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की जनसुनवाई में प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। एक दिव्यांग वृद्ध महिला ने प्रशासन से भीख मांगने के लिए ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने की मांग की। हैरानी की बात यह रही कि अधिकारियों ने आवेदन की भाषा और कानूनी पहलुओं की गहराई से जांच किए बिना ही ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस घटना ने प्रशासन की संवेदनशीलता और कार्यप्रणाली दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिव्यांग महिला ने बताई अपनी मजबूरी
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में दिव्यांग वृद्ध महिला शानू बी लिखित आवेदन लेकर पहुंचीं। महिला ने बताया कि उसने अपने मुंहबोले बेटे को इस शर्त पर ऑटो दिलवाया था कि वह जीवनभर उसका भरण-पोषण करेगा। लेकिन बाद में उसने देखभाल करना बंद कर दिया। आर्थिक तंगी और शारीरिक लाचारी के कारण महिला ने भीख मांगकर जीवनयापन शुरू कर दिया और आने-जाने में कठिनाई होने के चलते ट्राइसाइकिल की मांग की।
कलेक्टर कार्यालय ने आवेदन आगे बढ़ाया
पुलिस अधीक्षक ने मामला कलेक्टर कार्यालय से जुड़ा होने के कारण महिला को वहां भेज दिया। कलेक्टर की जनसुनवाई में अधिकारियों ने आवेदन की विषय-वस्तु का गंभीरता से परीक्षण किए बिना ही उसे सामाजिक न्याय विभाग को भेज दिया। इस त्वरित कार्रवाई को लेकर अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
कानूनी पहलुओं पर उठे सवाल
मध्य प्रदेश भिक्षावृत्ति निवारण अधिनियम, 1973 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगना प्रतिबंधित है और इसे दंडनीय अपराध माना गया है। अधिनियम में भीख मांगने, मंगवाने या उसे बढ़ावा देने पर सजा का प्रावधान है। ऐसे में भीख मांगने के उद्देश्य से संसाधन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू होना कानूनी बहस का विषय बन गया है।
पुनर्वास की जरूरत, नहीं भिक्षावृत्ति को बढ़ावा
इस मामले ने प्रदेश में चल रहे भिक्षावृत्ति मुक्त अभियान पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को महिला के पुनर्वास, पेंशन, आश्रय और आर्थिक सहायता की व्यवस्था करनी चाहिए थी, न कि उसके आवेदन को बिना समीक्षा आगे बढ़ाना चाहिए था। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस चूक को सुधारते हुए महिला के स्थायी पुनर्वास के लिए क्या कदम उठाता है।