सीएम साय की बड़ी घोषणा, आतंकी हमले में मारे गए छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को 20-20 लाख देगी सरकार
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए प्रदेश के दो श्रमिकों के परिजनों को बड़ी राहत देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों मृतकों के परिवारों को राज्य सरकार की ओर से 20-20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए मृतकों की आत्मा की शांति और परिवारों को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
दिल्ली दौरे के बाद सीएम साय ने दी जानकारी
दिल्ली दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पत्रकारों से बातचीत में अपने दौरे की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बस्तर पंडुम के विजेताओं का राष्ट्रपति द्वारा सम्मान किया गया। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान नक्सल प्रभावित बस्तर में चल रहे विकास कार्यों, विद्युतीकरण और अन्य योजनाओं को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने का आश्वासन मिला है।
बस्तर विकास और रेल परियोजनाओं पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर केंद्र सरकार से बातचीत हुई है। कटघोरा से डोंगरगढ़ रेल लाइन परियोजना को लेकर रेल मंत्री से चर्चा हुई और इसके निर्माण का रास्ता साफ हुआ है। इसके अलावा बस्तर के किरंदुल से बीजापुर सहित अन्य क्षेत्रों में रेल नेटवर्क विस्तार को लेकर भी बातचीत की गई है।
बस्तर में मोबाइल टावर और बिजली विस्तार पर जोर
सीएम साय ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचार और बिजली सुविधाओं को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग मांगा गया है। उन्होंने पहले मिले 500 से ज्यादा मोबाइल टावरों के लिए केंद्र का धन्यवाद किया। साथ ही बस्तर के 400 से अधिक गांवों में बिजली पहुंचाने और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों के विस्तार को लेकर भी चर्चा हुई है।
कांग्रेस के आरोपों पर सीएम साय का पलटवार
आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस के बयानों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हर मामले में बीजेपी और आरएसएस की साजिश नजर आती है। उन्होंने कांग्रेस को अपना नजरिया बदलने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में रोजगार और विकास के लिए लगातार काम हो रहा है और नई औद्योगिक नीति के जरिए युवाओं को नए अवसर मिल रहे हैं।