छत्तीसगढ़ में महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप विवाद गरमाया

महादेव बेटिंग ऐप मामले में सियासत तेज, भूपेश बघेल ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। मामले में EbixCash के चेयरमैन विकास गर्ग की गिरफ्तारी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कई सवाल उठाए और इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर भी हमला बोला।

कई अहम जानकारियां सामने नहीं आ रही

भूपेश बघेल ने दावा किया कि ED द्वारा गिरफ्तार किए गए विकास गर्ग को लेकर कई अहम जानकारियां सामने नहीं आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास गर्ग भाजपा दिल्ली के आर्थिक प्रकोष्ठ से जुड़े हैं और भाजपा के पूर्व विधायक नंद किशोर गर्ग के बेटे हैं। हालांकि, इन आरोपों को लेकर भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि ED ने विकास गर्ग को कथित तौर पर 1,200 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनसे जुड़ी कंपनियों की 900 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियों पर कार्रवाई की गई है।

कोई दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए

बघेल ने महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप को लेकर भाजपा पर संरक्षण देने के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि ऐप से जुड़े नेटवर्क में बड़े स्तर पर आर्थिक लेनदेन हुआ और विवाद के बाद जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विकास गर्ग कथित तौर पर ऐप से हर महीने करीब 450 करोड़ रुपये की कमाई कर रहे थे। हालांकि, इन दावों के समर्थन में उन्होंने कोई दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए हैं।

भूपेश बघेल ने अपनी सरकार के कार्यकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में महादेव ऐप के खिलाफ उनकी सरकार ने कार्रवाई शुरू की थी। उस दौरान कई FIR दर्ज की गईं, बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुईं और बैंक खातों समेत डिजिटल उपकरणों पर कार्रवाई की गई।

आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी

उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि यदि महादेव ऐप मामले की जांच चल रही है तो अब तक इसके मुख्य संचालकों पर पूरी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। साथ ही उन्होंने विदेशों में मौजूद आरोपियों को भारत लाने और कुछ अन्य नामों की जांच को लेकर भी सवाल उठाए।

फिलहाल महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामला एक बार फिर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन गया है। ED की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।