चारधाम देवस्थानम बोर्ड पर CM त्रिवेंद्र सिंह के बयान से विवाद, कांग्रेस ने फूंका पुतला
चारधाम देवस्थानम बोर्ड को दोबारा लागू करने के संबंध में पूर्व CM त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान पर देवप्रयाग में सियासत गरमा गई है। जिला कांग्रेस और नगर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए देवप्रयाग संगम तट पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह का पुतला दहन किया और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेसियों ने पूर्व CM के इस बयान को तीर्थ पुरोहितों व हक-हकूकधारियों के पारंपरिक अधिकारों पर सीधा डाका डालने वाला बताया।
BJP पर आरोप
पुतला दहन कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तम सिंह असवाल और नगर अध्यक्ष त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि साल 2019 में तत्कालीन त्रिवेंद्र सरकार ने वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की तर्ज पर उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम पारित कर चारों धामों सहित 51 मंदिरों को इसके अधीन कर दिया था। तीर्थ पुरोहितों और हक-हकूकधारियों के लंबे और भारी विरोध के आगे झुकते हुए आखिरकार साल 2021 में धामी सरकार को इस काले कानून को वापस लेने पर मजबूर होना पड़ा था। जिलाध्यक्ष असवाल ने आरोप लगाया कि BJP देवस्थानम बोर्ड के जरिए चारों धामों को अयोध्या की तरह लूट का केंद्र बनाना चाहती है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सड़क से सदन तक पुरजोर विरोध
इस दौरान जिला महासचिव विनोद टोडरिया ने कहा कि पूर्व CM रावत लगातार तीर्थ विरोधी मानसिकता का परिचय दे रहे हैं और कांग्रेस उनके इस एजेंडे का सड़क से सदन तक पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि पूर्व CM रावत देवप्रयाग में प्रस्तावित एनसीसी अकादमी को अपने कार्यकाल में पौड़ी ले गए थे, लेकिन वह वहां भी इसका निर्माण नहीं करवा पाए। प्रदर्शन और पुतला दहन करने वालों में नगर कांग्रेस अध्यक्षक त्रिवेंद्र रावत,यूथ कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष अंकित सिंह, नगर उपाध्यक्ष नीरज रावत, पूर्व प्रधान दरमियान सिंह, आलोक पंचभइया, रवि प्रकाश, प्रशांत मिश्रा, आदित्य डंगवाल, कान्हा, सुधांशु, प्रदीप कुमार सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भगवान सिंह की रिपोर्ट