टिकट कटने के बाद पहली बार बोले नरोत्तम मिश्रा: समर्थकों से कहा-पेट्रोल डालकर प्रदर्शन और रास्ता जाम करने से बचें
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इसके साथ ही पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के चुनाव लड़ने की सभी अटकलों पर विराम लग गया। टिकट की घोषणा के बाद दतिया में उनके समर्थकों का गुस्सा खुलकर सामने आया। नाराज कार्यकर्ताओं ने दतिया-झांसी हाईवे पर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया, जिससे करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया। कई भाजपा पदाधिकारियों ने विरोध स्वरूप इस्तीफा भी दे दिया, जबकि कुछ कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने की चेतावनी दी।
मिट्टी का तेल डालकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आ रहे
इस पूरे घटनाक्रम के बीच डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए अपने समर्थकों से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है और सभी कार्यकर्ताओं को उसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल उन वीडियो का भी जिक्र किया, जिनमें कुछ लोग पेट्रोल या मिट्टी का तेल डालकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं।
इस तरह की गतिविधियों से दूर रहें
नरोत्तम मिश्रा ने कहा, "मैं अपने सभी कार्यकर्ताओं से विशेष आग्रह करता हूं कि इस तरह की गतिविधियों से दूर रहें। पेट्रोल या मिट्टी का तेल डालकर प्रदर्शन करने की कोशिश न करें और किसी भी सड़क या रास्ते को अवरुद्ध न करें। पार्टी में अपनी बात रखने के लिए उचित मंच और प्रक्रिया होती है। असहमति भी उसी मर्यादा में व्यक्त की जानी चाहिए।"
प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए
शनिवार सुबह प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ हाईवे पर लगे जाम को हटाने की कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने हटने से इनकार किया, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया, जबकि प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार किया। हालात उस समय और बिगड़ गए जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।