बिलासपुर में तंत्र साधना कर पीड़ित परिवार को डराने

हाईकोर्ट CJ की तस्वीर रखकर काला जादू! चाकूबाजी केस में डराने की साजिश

तंत्र साधना का खुलासा

बिलासपुर में हाईकोर्ट चीफ जस्टिस की तस्वीर रखकर श्मशान घाट में कथित तंत्र साधना के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, यह तंत्र क्रिया चीफ जस्टिस को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि चाकूबाजी केस के पीड़ित परिवार को डराने और केस वापस लेने का दबाव बनाने के लिए की गई थी। मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों को नागपुर से गिरफ्तार किया गया है।

पीड़ित परिवार से मांगे 1 लाख रुपए

जानकारी के मुताबिक, दयालबंद निवासी ओम बोले (23) का भाई प्रियांशु बोले चाकूबाजी के एक मामले में जेल में बंद है। आरोप है कि प्रियांशु की जमानत में खर्च हुए करीब 1 लाख रुपए की रकम पीड़ित परिवार से मांगी गई। पैसे नहीं देने पर परिवार को धमकाया गया और केस वापस लेने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि ओम बोले अपने साथियों तरुण बजाज (27), मोहम्मद इसरार (22) और ऋषिकेश कुमार (28) के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचा। वहां कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपियों ने तांत्रिक क्रिया के जरिए जमानत कराने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की बात कही।

श्मशान में पूजा सामग्री 

पुलिस के मुताबिक, देवरी श्मशान घाट में तांत्रिक क्रिया के दौरान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, आरोपी प्रियांशु बोले और शिकायतकर्ता की तस्वीरें रखी गई थीं। मौके से मरी हुई मछली, नींबू, सिंदूर और अन्य पूजा सामग्री भी बरामद होने की बात सामने आई है। जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने कथित तौर पर Instagram के जरिए ऋषिकेश कुमार से संपर्क किया था। पुलिस के अनुसार, श्मशान घाट में तंत्र क्रिया करते हुए ग्रामीणों ने ऋषिकेश को पकड़ लिया था। पूछताछ में उसकी भूमिका सामने आने के बाद उसे भी मामले में आरोपी बनाया गया।

नागपुर से तीन आरोपी गिरफ्तार

मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों को पुलिस ने महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ तोरवा थाने में धमकी देने और टोनही प्रताड़ना से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि तस्वीरों और कथित तांत्रिक क्रिया का इस्तेमाल पीड़ित परिवार पर मानसिक दबाव बनाने और उन्हें डराने के लिए किया गया हो सकता है। पुलिस अब आरोपियों के संपर्क में रहे अन्य लोगों और इस पूरी गतिविधि से जुड़े लोगों की भी जांच कर रही है।

आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा

बिलासपुर एएसपी सिटी पंकज पटेल के मुताबिक, पीड़ित की शिकायत पर तोरवा थाने में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।